




उल्लवास गांव में सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से नर्सरी और झुग्गियां बना ली गई थीं। नोडल अधिकारी के अनुसार, इन अतिक्रमणकारियों को कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन बार-बार निर्देशों की अनदेखी की गई और प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान बुलडोजर से अवैध नर्सरी और झुग्गियां ध्वस्त कर दी गईं। नोडल अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर कब्जा करना कानूनन अपराध है और इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अतिक्रमण हटाने की इस मुहिम के दौरान एक अप्रिय घटना भी सामने आई। नशे में धुत एक व्यक्ति ने मौके पर पहुंचकर नोडल अधिकारी के साथ गाली-गलौच और बदसलूकी करने की कोशिश की। हालांकि, प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस को बुलाया और आरोपी को गिरफ्तार करवा दिया। नोडल अधिकारी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे अव्यवस्थित और कानून विरोधी व्यवहार को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गुरुग्राम प्रशासन लगातार अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती दिखा रहा है। शहर में तेजी से बढ़ रहे अवैध कब्जों को देखते हुए एनफोर्समेंट डिपार्टमेंट हरकत में है और नियमित रूप से ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रहा है। नोडल अधिकारी ने कहा कि गुरुग्राम को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए यह अभियान जारी रहेगा।
प्रशासन की इस कड़ी कार्रवाई से अवैध कब्जों से जूझ रहे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी। हालांकि, ऐसे अतिक्रमणों के चलते आम जनता को समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सरकारी जमीन का दुरुपयोग किसी भी स्थिति में न हो।
गुरुग्राम में 700 करोड़ की सरकारी जमीन पर कब्जा हटाने की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती का बड़ा उदाहरण है। इस मुहिम से न केवल अवैध कब्जों पर लगाम लगेगी, बल्कि यह अन्य अतिक्रमणकारियों के लिए भी एक कड़ा संदेश होगा।




