Inkhabar Haryana, Gurugram Police Help: गुरुग्राम की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में जब हर कोई अपने काम में व्यस्त होता है, ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो न केवल अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं बल्कि मानवता की मिसाल भी पेश करते हैं। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण हाल ही में सामने आया जब गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस के सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) कृष्ण कुमार ने अपनी सतर्कता, प्रशिक्षण और त्वरित कार्रवाई से एक व्यक्ति की जान बचा ली।
अचानक रुकी कार तो चौकन्ना हुआ पुलिसकर्मी
यह घटना मंगलवार दोपहर की है, जब लगभग 12 बजे ASI कृष्ण कुमार अपनी ड्यूटी पर मेदांता अस्पताल के पास ट्रैफिक ज़ोन में तैनात थे। हमेशा की तरह वह ट्रैफिक को व्यवस्थित करने में लगे हुए थे, तभी उन्होंने देखा कि एक कार सड़क के बीचों-बीच अचानक रुक गई। इस असामान्य स्थिति ने तुरंत उनकी ध्यान खींचा।
जैसे ही ASI कृष्ण कुमार कार के पास पहुंचे, उन्होंने देखा कि अंदर बैठा चालक किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। बिना एक पल गंवाए उन्होंने आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों और राहगीरों की मदद से कार का दरवाज़ा खोला और चालक को बाहर निकाला। उस वक्त चालक की हालत बेहद नाज़ुक थी और वह पूरी तरह से बेहोश था।
CPR देकर लौटाई ज़िंदगी
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए ASI कृष्ण कुमार ने अपनी पुलिस ट्रेनिंग का तुरंत इस्तेमाल किया। उन्होंने कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) देना शुरू किया। एक जीवन रक्षक प्रक्रिया जिसमें छाती को दबाकर हृदय को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जाती है। लगातार प्रयासों के कुछ ही मिनटों में चालक के शरीर में हलचल दिखी और वह धीरे-धीरे होश में आने लगा।
जैसे ही चालक को होश आया, ASI कृष्ण कुमार ने उसे पानी पिलाया और थोड़ी देर बैठाकर आराम करने दिया। कुछ ही देर में उसकी हालत स्थिर हो गई और उसने खुद को संभाल लिया। इस बीच, चालक के मोबाइल पर एक कॉल आया जिसे ASI ने उठाया। कॉल पर मौजूद व्यक्ति ने खुद को उसका भाई बताया।
परिवार को दी सूचना
ASI कृष्ण कुमार ने चालक के भाई को पूरी घटना की जानकारी दी और उसे अपनी लोकेशन भी साझा की। कुछ ही देर में चालक का भाई मौके पर पहुंचा और अपने भाई को सुरक्षित देखकर भावुक हो उठा। उसने पुलिसकर्मी का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि यदि समय पर CPR न दी जाती तो शायद आज उसका भाई जिंदा न होता।