




Inkhabar Haryana, Gurugram stray dogs: गुरुग्राम और दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों का आतंक अब लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है। मोहल्लों में बच्चों का खेलना, सुबह-सुबह वॉक पर निकलना या बाइक से सफर करना कई लोगों के लिए जोखिम भरा हो गया है। आवारा कुत्ते अक्सर बाइक सवारों के पीछे दौड़ पड़ते हैं और बच्चों पर झपटने की घटनाएँ भी सामने आती रही हैं। इस माहौल में, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाकर पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।
शीर्ष अदालत ने दिल्ली सरकार और गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद समेत दिल्ली-एनसीआर के सभी नगर निकायों को आदेश दिया है कि सभी इलाकों से आवारा कुत्तों को तुरंत हटाकर आश्रय स्थलों में रखा जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इन कुत्तों को किसी भी हाल में सड़कों पर वापस नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस (RWA) ने इस आदेश का खुले दिल से स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे स्थानीय निवासियों को रोजमर्रा के डर और असुविधा से राहत मिलेगी। वहीं, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका तर्क है कि नगर निकायों के पास इस “विशाल” अभियान को अंजाम देने के लिए पर्याप्त जमीन और संसाधन नहीं हैं। उन्होंने चेताया कि यदि उचित प्रबंधन नहीं किया गया तो यह कदम मानव और कुत्तों के बीच संघर्ष को और भी बढ़ा सकता है।




