Inkhabar Haryana, Hansi sanitation workers protest: हरियाणा के हांसी नगर परिषद के करीब 60 सफाई कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह नगर परिषद कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। ये सभी कर्मचारी पिछले चार महीनों से वेतन न मिलने से नाराज़ हैं। ठेका प्रथा के तहत काम कर रहे इन कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उन्हें उनका बकाया वेतन नहीं मिलेगा, तब तक वे शहर की सफाई कार्य में भाग नहीं लेंगे।
कार्यालय परिसर में गूंज उठा नारा
सुबह 5 बजे से ही सफाई कर्मियों ने अपने काम की जगह नगर परिषद कार्यालय को बना लिया। हाथों में झाड़ू की जगह अब बैनर और नारों की तख्तियां थीं। “वेतन दो, इंसाफ दो”, “भूखे पेट काम नहीं होगा”, जैसे नारों से कार्यालय परिसर गूंज उठा। प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मियों की आंखों में गुस्सा कम, लेकिन बेबसी ज्यादा दिखाई दी।
ठेकेदार पर गंभीर आरोप
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से नगर परिषद की सफाई व्यवस्था में लगे हैं, लेकिन उन्हें भिवानी की एक फर्म श्रीराम एसोसिएट के माध्यम से नियुक्त किया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि ठेकेदार पिछले चार महीने से वेतन नहीं दे रहा। सभी कर्मचारी कच्चे हैं, न तो उनके पास स्थायी नौकरी है और न ही कोई सामाजिक सुरक्षा।
कर्मचारी नीलम और कपिल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमने महामारी हो या बरसात, हर हाल में काम किया। लेकिन आज हम अपने ही बच्चों का पेट भरने लायक नहीं बचे। बच्चों की स्कूल फीस नहीं जा रही, बीमार घरवालों की दवा रुक गई। क्या हमारी मेहनत की कोई कीमत नहीं है?
प्रशासन की चुप्पी और कर्मचारियों की चेतावनी
कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों से मिलकर वेतन की मांग की, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन और टाल-मटोल ही मिला। कई बार उनके शिकायती पत्रों का कोई जवाब तक नहीं दिया गया।
आक्रोशित कर्मचारियों ने एक सुर में कहा कि यदि जल्द ही वेतन का भुगतान नहीं हुआ, तो वे सामूहिक हड़ताल करेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप कर देंगे। जब शहर को साफ करने वाले ही परेशान हैं, तो शहर चमकेगा कैसे? यह सवाल कर्मचारियों ने नगर परिषद के सामने रखा।