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Haryana Assembly Monsoon Session 2025: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में जलभराव और मुआवजे को लेकर सत्तापक्ष-विपक्ष में तीखी तकरार

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Inkhabar Haryana, Haryana Assembly Monsoon Session 2025: मानसून के दौरान हरियाणा के कई जिलों में हुई भारी बारिश और जलभराव से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र में गरमा गया। सदन में विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए। खासकर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी और नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के बीच नोक-झोंक ने माहौल को और तीखा कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि मुख्यमंत्री को खुद मोर्चा संभालना पड़ा और उन्होंने विपक्ष को करारा जवाब दिया।

जलभराव पर सरकार का ब्योरा

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने प्रदेशभर की स्थिति का विस्तृत ब्यौरा रखा। उनके अनुसार हरियाणा में अब तक 30,315 एकड़ भूमि में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।1,452 पंप मशीनें लगाकर पानी की निकासी का काम किया जा रहा है। रोहतक जिले के 71 गांवों में करीब 9,724 एकड़ भूमि प्रभावित है, जहां 0.6 से 2 फीट तक पानी भरा है। इसके लिए 250 पंप लगाए गए हैं जिनकी क्षमता 977 कयूसिक है। भिवानी जिले के 31 गांवों में 9,425 एकड़ और हिसार के 34 गांवों में 2,032 एकड़ फसलें जलमग्न हो चुकी हैं।

सरकार ने यह भी साफ किया कि प्रभावित किसानों की सुविधा के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 31 अगस्त तक खुला रहेगा। इस पोर्टल पर दावों के आधार पर विशेष गिरदावरी कराई जाएगी और तय मानदंडों के अनुसार मुआवजा सीधे किसानों के खातों में भेजा जाएगा।

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विपक्ष का सवाल – मुआवजा कब मिलेगा?

कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से सवाल उठाए कि किसानों को स्पेशल गिरदावरी कब कराई जाएगी और मुआवजा कब तक मिलेगा। हुड्डा ने तंज कसते हुए कहा कि हमने कभी पोर्टल बंद करने की बात नहीं कही। लेकिन किसानों को उलझाया जा रहा है। अगर सब कुछ पोर्टल से ही होना है, तो फिर सदन भी पोर्टल से चलवा दें।

मुख्यमंत्री का पलटवार

मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया और पलटवार करते हुए कहा कि किसान पोर्टल पर पंजीकरण करा कर सीधे अपने खाते में मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं। हाल ही में हमने एक क्लिक में 78 करोड़ का मुआवजा किसानों तक पहुंचाया। विपक्ष ने चुनाव के दौरान पोर्टल बंद करने का झूठा प्रचार किया। सच्चाई यह है कि हमारी सरकार अब तक 15 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा किसानों को दे चुकी है, जबकि कांग्रेस के शासनकाल में केवल 1,158 करोड़ रुपये ही दिया गया था।