




Haryana Polution: एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही सरकार ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया है। यह निर्णय केंद्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा लिया गया, क्योंकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार पहुंच गया था। पिछले कुछ दिनों से एनसीआर में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, और मंगलवार को एक्यूआई 259 तक दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिकतम था।
ग्रैप का पहला चरण लागू होते ही कई सख्त कदम उठाए गए हैं। होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में अब कोयले और लकड़ी का उपयोग करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही सड़कों पर मशीनों से सफाई और पानी का छिड़काव करना अनिवार्य हो गया है ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की कड़ी निगरानी की जा रही है, और जो वाहन इस नियम का उल्लंघन करेंगे, उन्हें जब्त किया जाएगा।
इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर भी सख्त नियम लागू किए गए हैं। 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के क्षेत्रों पर किसी भी तरह की निर्माण या तोड़फोड़ की गतिविधि पर रोक लगाई गई है। यह कदम धूल और अन्य प्रदूषकों को रोकने के लिए उठाया गया है। साथ ही, दिल्ली में बाहर से आने वाले ट्रकों की एंट्री भी नियंत्रित की जा रही है और उन्हें केजीपी और केएमपी एक्सप्रेस-वे से गुजारा जा रहा है।
सरकार और विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे प्रदूषण को कम करने में सहयोग करें। वाहन चलाते समय इंजन का ट्यून सही रखें, पीयूसी प्रमाणपत्र साथ रखें, और लाल बत्ती पर इंजन बंद करें। अधिक से अधिक पौधे लगाने और खुले में कूड़ा न जलाने की सलाह भी दी गई है। प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी को अपने हिस्से का योगदान देना बेहद जरूरी है।
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