




Haryana Roadways: करनाल रोडवेज में बसों की कमी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। हाल के वर्षों में कुछ नई बसें बेड़े में शामिल की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद लोगों को राहत नहीं मिल पाई है। पांच साल पहले भी लोग बसों की कमी से परेशान थे, और आज भी वही स्थिति बनी हुई है। फर्क बस इतना है कि अब लोग पुरानी बसों की जगह नई बसों में सफर कर रहे हैं।
पिछले दो वर्षों में करनाल डिपो में 131 नई बसें जोड़ी गई हैं, जबकि 70 पुरानी बसें रद्दी हो गईं और इन्हें हटा दिया गया। इससे रोडवेज का कुल बसों का बेड़ा अभी भी 283 बसों की स्वीकृत संख्या के मुकाबले 125 बसों की कमी झेल रहा है। वर्तमान में 17 लाख की आबादी के लिए केवल 158 बसें उपलब्ध हैं, जिनमें से 13 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत हैं।
वर्ष 2018 में करनाल डिपो में 175 बसें थीं, लेकिन समय के साथ यह संख्या घटती चली गई। 2022 में बसों की संख्या 135 तक पहुंच गई, और 2023 में यह घटकर 96 रह गई थी। हालांकि, अब 2024 में 35 नई बसें शामिल की गई हैं, लेकिन 28 बसें कंडम होकर हटा दी गईं और 16 बसें दूसरे जिलों में स्थानांतरित हो गईं।
कई गांवों में अब भी रोडवेज की बसें नहीं पहुंच पातीं, और कुछ रूटों पर केवल सुबह और शाम को ही बस सेवाएं मिल पाती हैं। वहीं, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान के लिए कई सीधी बस सेवाएं भी बंद हो चुकी हैं। हालांकि, करनाल रोडवेज के जीएम कुलदीप सिंह का कहना है कि आने वाले समय में और भी नई बसें शामिल होंगी, जिससे लोगों को परिवहन सुविधा में सुधार मिलेगा और रोडवेज का बेड़ा मजबूत होगा।
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