Inkhabar Haryana, HAU Hisar Protest: हिसार के चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में छात्र आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया। स्कॉलरशिप में कटौती और प्रशासन से किए गए वादों को पूरा न करने के विरोध में धरने पर बैठे विद्यार्थियों पर गुरुवार देर रात पुलिस ने बल प्रयोग किया। गेट नंबर चार पर धरना दे रहे छात्रों को जबरन हटाने की कोशिश के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कई छात्रों को चोटें आईं और दो को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
कैसे घटी घटना?
20 अगस्त से दोबारा शुरू हुए धरने में विद्यार्थी रात को सोने के लिए कूलर और गद्दे लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें रोकते हुए कूलर और गद्दे जब्त कर लिए। रात करीब 10 बजे पुलिस ने धरने पर बैठे छात्रों को जबरन उठाने का प्रयास किया। छात्रों ने विरोध किया तो हालात बिगड़ गए। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने खाना खाते समय उन पर हमला किया, लात-घूंसे चलाए और कुछ को घसीटकर गिरफ्तार कर लिया।पीएचडी छात्र योगेश राणा और एमवीएससी फिशरीज के छात्र सुनील उर्फ आशु चोटिल हुए जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। छात्रों का यह भी आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह आंदोलन 10 जून से शुरू हुआ था, जब विद्यार्थियों ने स्कॉलरशिप में कटौती का विरोध किया। उस रात कुलपति आवास पर धरने के दौरान दो प्रोफेसरों और सुरक्षा कर्मियों पर छात्रों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगा। इसमें कई छात्र घायल हुए थे। इसके बाद गेट नंबर चार पर धरना शुरू किया गया। हालांकि, 1 जुलाई को सरकार और प्रशासन से समझौते के बाद आंदोलन खत्म कर दिया गया था। समझौते में जांच कमेटी बनाने और छात्रों पर दर्ज केस वापस लेने की बात हुई थी, लेकिन जब वादे पूरे नहीं हुए तो विद्यार्थियों ने 20 अगस्त से धरना फिर से शुरू कर दिया।
नेताओं का समर्थन
छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता अनिल मान, एडवोकेट विक्रम मित्तल, एडवोकेट हर्षदीप गिल, शमशेर नंबरदार और कर्मचारी नेता सुरेंद्र मान मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों का साथ देते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। अनिल मान ने कहा कि सरकार पुलिस को हथियार बनाकर छात्रों की आवाज दबाना चाहती है। समझौते के नाम पर पहले धोखा दिया गया और अब लाठी के दम पर आंदोलन खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों की मांग
छात्रों का कहना है कि जब तक प्रशासन अपने वादों पर अमल नहीं करता और उनके खिलाफ दर्ज केस वापस नहीं लेता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सीएम नायब सिंह सैनी से मिलने की मांग भी की थी, मगर पुलिस बल प्रयोग ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।