Inkhabar Haryana, High Court on phedi market: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट परिसर ने अवैध फेड़ी बाजार पर कड़ा आदेश जारी किया है। कोर्ट ने साफ तौर पर आदेश दिया है कि केवल आवश्यक सेवाओं से जुड़े वेंडरों को ही परिसर में व्यापार की अनुमति दी जाएगी।
इन जगहों पर अवैध फेड़ी पर रोक
हाईकोर्ट परिसर में फुटपाथ, पार्किंग, ग्रीन बेल्ट और खाली स्थानों पर अवैध फेड़ी बाजार के विस्तार पर अब रोक लगाई जाएगी। इसके लिए हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को आवश्यक सेवाओं की एक सूची सौंपने का निर्देश दिया है, ताकि गैर-आवश्यक सामान बेचने वाले वेंडरों को परिसर से हटा दिया जा सके।
एडवोकेट पीआर यादव द्वारा दाखिल की गई याचिका में यह बात सामने आई थी कि हाईकोर्ट परिसर में सैकड़ों अवैध फड़ी खड़ी हैं, और हर दिशा में इनकी भरमार है। यादव ने बताया कि इन वेंडरों को हाईकोर्ट परिसर में कोटे की बिजली भी उपलब्ध कराई जाती है और इनकी वजह से पार्किंग में बड़ी समस्या उत्पन्न हो रही है। इसके साथ ही गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल भी किया जा रहा है, जिससे किसी भी हादसे की स्थिति में भारी नुकसान हो सकता है।
मामले में पहले भी हुई थी सुनवाई
हाईकोर्ट ने इस मामले में पहले 26 जुलाई 2023 को बार एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें बार एसोसिएशन ने तर्क दिया था कि वेंडरों के खिलाफ कार्रवाई से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े। कोर्ट ने तब इस पर रोक लगाते हुए मामले पर और विचार करने का आदेश दिया था।
बुधवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन से इन फड़ियों के संबंध में और जानकारी मांगी। बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कोर्ट को बताया कि अगर इन वेंडरों को हटाया जाता है, तो हजारों लोग इससे प्रभावित होंगे, और विशेषकर वकील, याची, प्रतिवादी, और कर्मचारी वर्ग को असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
आवश्यक सेवाओं वाले वेंडरों को अनुमति
हाईकोर्ट ने इस दौरान स्पष्ट किया कि केवल उन वेंडरों को अनुमति दी जा सकती है, जो आवश्यक सेवाओं का सामान बेचते हैं, जैसे कि खाने-पीने की वस्तुएं या अन्य अत्यावश्यक चीजें। वर्तमान में परिसर में जो सामान बिक रहा है, वह अत्यधिक गैर-जरूरी है और इसे अनुमति नहीं दी जा सकती।
हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को आदेश दिया कि वह आवश्यक सेवाओं की एक सूची कोर्ट में प्रस्तुत करें, ताकि उन वेंडरों को हटाया जा सके जो गैर-आवश्यक सामान बेच रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि यदि इन फड़ियों से संबंधित किसी प्रकार की असुविधा होती है, तो उसे जल्दी से सुलझाया जाएगा, लेकिन सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए यह कदम उठाना जरूरी है।