




बैठक में भाजपा के पूर्व जिला सचिव और अधिवक्ता घोलू गुर्जर ने तहसीलदार राकेश मलिक पर दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। घोलू ने आरोप लगाया कि तहसील कार्यालय में उनके साथ बदसलूकी की गई और उन्हें पानी पीने पर भी बेइज्जती झेलनी पड़ी। इसके जवाब में तहसीलदार ने आरोपों को निराधार बताया।
मामले पर गंभीरता दिखाते हुए मंत्री ने एसडीएम ज्योति मित्तल की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की। इस कमेटी में भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक सैनी और बार प्रधान को भी शामिल किया गया। मंत्री ने कहा कि जांच में तहसीलदार दोषी पाए गए तो उन्हें सस्पेंड किया जाएगा।
बैठक में बुरे गांव निवासी कुसुम ने शिकायत दर्ज कराई कि मिर्जापुर रोड पर स्थित उनके 150 गज के प्लॉट पर डीसीएम मिल प्रबंधन ने अवैध कब्जा कर लिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि प्लॉट पर दीवार खड़ी कर दी गई है। इस पर मंत्री ने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक गौरव शर्मा से जवाब मांगा।
गौरव शर्मा ने बताया कि प्लॉट पर डीसीएम मिल का कब्जा है। मंत्री ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई जिसमें जिला रजिस्ट्रार, एडिशनल एसपी, और नायब तहसीलदार को शामिल किया गया। उन्होंने कमेटी से अगली बैठक में रिपोर्ट देने को कहा।
ग्रीवेंस कमेटी में ग्रीन पार्क निवासी अनीता गोस्वामी ने शिकायत की कि उन्होंने घर का बिजली लोड बढ़ाने के लिए एक फाइल तैयार करवाई थी। इसके लिए उन्होंने बिजली निगम के सामने स्थित दुकानों से 21,300 रुपये देकर फाइल जमा कराई थी, लेकिन बाद में फाइल को रिजेक्ट कर दिया गया।
मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हिसार एसपी को जांच का आदेश दिया और कहा कि ऐसी दुकानों पर तुरंत कार्रवाई कर FIR दर्ज की जाए।




