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Hisar News: हिसार HAU में छात्र प्रदर्शन ने लिया रौद्र रूप, छात्र-प्रशासन टकराव में बढ़ी तल्खी, सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट के आरोप

BY: • LAST UPDATED : June 11, 2025
Inkhabar Haryana, Hisar News: हरियाणा के हिसार में चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार में छात्रों का स्कॉलरशिप नीति को लेकर शुरू हुआ शांतिपूर्ण आंदोलन बुधवार को अचानक उग्र हो गया। छात्र अपनी मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठे थे, तभी विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच टकराव हो गया। छात्रों का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया।

क्या हैं पूरा मामला?

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा हाल ही में यह फैसला लिया गया था कि केवल 25 प्रतिशत छात्रों को ही स्कॉलरशिप दी जाएगी। इस निर्णय से छात्र समुदाय में असंतोष फैल गया। छात्रों का कहना है कि यह नीति मेधावी लेकिन सीमांत छात्रों के हितों के खिलाफ है। उनका तर्क है कि अधिक अंक प्राप्त करने वाले सभी योग्य छात्रों को स्कॉलरशिप दी जानी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर छात्रों ने पहले प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता की। एक सात सदस्यीय छात्र प्रतिनिधि समिति का गठन भी किया गया ताकि समाधान निकाला जा सके। लेकिन छात्रों का कहना है कि इन बैठकों से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।

प्रदर्शन के दौरान भिड़ंत

बुधवार को छात्र दोबारा अपनी मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के बाहर जुटे और शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। लेकिन जैसे ही छात्र वहां बैठने लगे, सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की और इसी दौरान झड़प हो गई। छात्रों का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने न केवल धक्का-मुक्की की, बल्कि मारपीट भी की। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षाकर्मी छात्रों को जबरन हटाते हुए दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद छात्र संगठनों में आक्रोश और बढ़ गया।

रात में फिर भड़की हिंसा

विवाद यहीं नहीं थमा। देर रात जब छात्र गेट के पास दोबारा धरना देने पहुंचे तो एक बार फिर दोनों पक्षों में टकराव हुआ। इस बार एक छात्र के सिर में गंभीर चोट लगने की खबर सामने आई है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। छात्रों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सात सुरक्षाकर्मियों को तुरंत सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। साथ ही वे स्कॉलरशिप नीति को वापस लेने की अपनी मूल मांग पर भी अड़े हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब तक इस मामले पर कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं।