Inkhabar Haryana, Indian Deportation From US: अवैध तरीकों से अमेरिका जाने का खतरनाक खेल एक बार फिर सामने आया है। हरियाणा के 33 युवक, जो डोंकी रूट (गैरकानूनी प्रवास मार्ग) से अमेरिका पहुंचे थे, डिपोर्ट होकर वापस भारत लौट आए हैं। इनमें करनाल जिले के जुंडला गांव का रहने वाला अनुज भी शामिल है, जो रविवार देर शाम अपने परिवार के पास लौट आया। हालांकि, अनुज और उसका परिवार मीडिया से दूरी बनाए रहा, लेकिन अनुज के पिता अशोक कुमार ने पूरी कहानी बयां की।
अनुज के पिता ने बताई पूरी बात
जानकारी के मुताबिक, शनिवार देर रात अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों को लेकर एक विमान अमृतसर पहुंचा था। इनमें हरियाणा के 33 लोग शामिल थे। अनुज भी इसी फ्लाइट से वापस लौटा और सीधा अपने घर पहुंचा। अनुज के पिता अशोक कुमार ने बताया कि उनका बेटा चार महीने पहले अमेरिका के लिए रवाना हुआ था। एजेंटों ने डेढ़ महीने में अमेरिका पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन उन्हें ज्यादा समय लग गया। इस बीच, अमेरिका में नई प्रशासनिक सख्ती के तहत अनुज को वापस भेज दिया गया।
एजेंट को दिए थे 45 लाख रुपये
अशोक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए अपनी संपत्ति बेच दी थी। एजेंट ने 45 लाख रुपये की मांग की थी, जो उन्होंने चुका दिए। लेकिन उनका बेटा अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के बजाय कुछ ही महीनों में वापस लौट आया। उन्होंने सरकार से अपील की कि जो लोग जमीन और घर बेचकर अपने बच्चों को बाहर भेजते हैं और बाद में धोखा खाते हैं, उनके लिए सरकार को कोई ठोस नीति बनानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डोंकी रूट से युवाओं को भेजने वाले एजेंटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस तरह की धोखाधड़ी का शिकार न हो।