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Justice Lalit Batra Jail Inspection: “प्रदेश की सभी जेल में…”, जेलों के निरक्षण पर पहुंचे ललित बत्रा ने कह दी ये बड़ी बात

BY: • LAST UPDATED : May 20, 2025
Inkhabar Haryana, Justice Lalit Batra Jail Inspection: हरियाणा मानव अधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा ने कहा कि प्रदेश की सभी जेलों में ऑटो जनरेटेड पैरोल सिस्टम विकसित किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि कोई भी कैदी समय पर मिलने वाले अपने अधिकार से वंचित न हो। उन्होंने कहा कि पैरोल हर कैदी का मानवाधिकार है, जिसे तकनीकी सुविधा के माध्यम से सरल और समयबद्ध बनाया जाना चाहिए।

कैथल जिला जेल का निरीक्षण

यह बातें उन्होंने सोमवार को कैथल स्थित जिला जेल के निरीक्षण के उपरांत पत्रकारों से बातचीत में कही। उनके साथ आयोग के सदस्य कुलदीप जैन, दीप भाटिया, डॉ. पुनीत अरोड़ा (प्रोटोकॉल), सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, रजिस्ट्रार और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम ने मुलाकात कक्ष, बैरक, अस्पताल, कैंटीन, वर्कशॉप, लॉन्ड्री, खाद्यान्न भंडारण और वीडियो कॉन्फ्रेंस रूम का विस्तार से जायजा लिया। इस दौरान जस्टिस बत्रा ने कैदियों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं सुनीं। जेल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए उन्होंने सुधार हेतु कई दिशा-निर्देश भी दिए।

पैरोल प्रणाली को कंप्यूटराइज्ड करने का सुझाव

जस्टिस बत्रा ने कहा कि अधिकांश कैदियों को यह जानकारी नहीं होती कि वे कब पैरोल के लिए पात्र बनते हैं। ऐसे में जरूरत है कि एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए जो बिना आवेदन के, स्वत: कैदी को सूचित करे कि उसका पैरोल का समय आ गया है। उन्होंने इस संबंध में जेल महानिदेशक से बातचीत करने की बात कही। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि कैदी अशिक्षित हो सकते हैं, पर उनके अधिकारों की जानकारी देना जेल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। डीसी और एसपी को भी निर्देश दिए गए हैं कि पैरोल से संबंधित प्रक्रिया को अधिकतम 42 दिनों में पूरा किया जाए।

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निरीक्षण के दौरान जस्टिस बत्रा ने जेल अधीक्षक अशोक कुमार को निर्देश दिए कि सभी बंदियों की समय-समय पर काउंसलिंग करवाई जाए। खाद्यान्न भंडारण के लिए फर्श पर रैक लगाने और रसोई में उचित वेंटिलेशन (झालियां) लगाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, जेल में बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार से जोड़ने के लिए ठोस योजना बनाने को कहा गया।

भीख मांगने वालों के पुनर्वास की दिशा में सुझाव

इससे पूर्व, कैथल पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में आयोग की टीम ने डीसी प्रीति और एसपी आस्था मोदी से शहर की कानून व्यवस्था और आयोग की योजनाओं को लेकर चर्चा की। जस्टिस बत्रा ने कहा कि भीख मांगने वालों को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रशासन को प्रयास करने चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को डेटा बेस तैयार करने, कारणों की पहचान करने, और कौशल विकास के माध्यम से पुनर्वास की दिशा में काम करने की सलाह दी गई। इस कार्य में एनजीओ और सामाजिक संगठनों से सहयोग लेने की भी बात कही गई।