Inkhabar Haryana, Jyoti Malhotra Pakistani Spy case: हरियाणा के हिसार की चर्चित यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप लगे हैं। सोमवार (25 अगस्त) को उन्हें हिसार कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ वे 95 दिन बाद जेल से बाहर आकर खुद अदालत में उपस्थित हुईं। यह उनकी 10वीं पेशी थी। कोर्ट से बाहर निकलते समय ज्योति ने हाथ हिलाकर मौजूद लोगों की ओर इशारा किया।
चार्जशीट और गंभीर आरोप
पुलिस ने 14 अगस्त को इस मामले में 2500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट के मुताबिक, ज्योति लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के अधिकारियों और एजेंटों से संपर्क में थीं। उन पर भारत की संवेदनशील जगहों के वीडियो बनाकर पाकिस्तानी एजेंटों को भेजने का आरोप है।
ज्योति को 15 मई को हिसार पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी कई धाराओं में केस दर्ज किया। ज्योति के वकील कुमार मुकेश का कहना है कि चार्जशीट का अध्ययन करने के बाद जल्द ही वे अदालत में जमानत याचिका दाखिल करेंगे।
जांच एजेंसियों की रिपोर्ट
जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि ज्योति पूछताछ के दौरान सीधे जवाब नहीं देतीं और काफी शातिर तरीके से बचने की कोशिश करती हैं। गिरफ्तारी से पहले ही उन्हें पाकिस्तानी एजेंटों से सूचना मिल गई थी, जिसके चलते उन्होंने कुछ संवेदनशील डेटा डिलीट कर दिया था। हालांकि एजेंसियों ने उस डिलीट किए गए डेटा का एक हिस्सा रिकवर कर लिया है, लेकिन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण सामग्री बरामद होना बाकी है।
सीमा क्षेत्रों के वीडियो और संवेदनशील बातचीत
चार्जशीट में यह भी दर्ज है कि ज्योति ने कश्मीर डैम और राजस्थान के बॉर्डर इलाकों में जाकर सैन्य शिविरों के वीडियो बनाए और उन्हें पाकिस्तानी एजेंटों तक पहुंचाया। इसके अलावा उनके मोबाइल से पाकिस्तान उच्चायोग के अफसर एहसान-उर-रहीम दानिश अली के साथ गहन बातचीत का खुलासा हुआ है। साथ ही, वह आईएसआई से जुड़े शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों जैसे एजेंटों से भी लगातार संपर्क में थीं।
पुलिस का दावा
पुलिस का कहना है कि ज्योति को पाकिस्तान यात्रा से पहले ही ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर दी गई थी, बावजूद इसके उन्होंने उसका उल्लंघन किया। पाकिस्तानी एजेंटों के साथ नंबर शेयर करने और मुलाकात करने के भी सबूत मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि यदि समय रहते कार्रवाई न की जाती तो ज्योति भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती थीं।