Inkhabar Haryana, Kaithal bribery case: कैथल जिले के कलायत उपमंडल से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिजली निगम में कार्यरत एक क्लर्क को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। हरियाणा एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की जींद यूनिट ने यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में की। आरोपी क्लर्क गुलाब पर बिजली बिल सुधारने के बदले 22,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने दी थी ठोस सूचना
यह कार्रवाई गांव बालू निवासी सुनील कुमार की शिकायत पर की गई। सुनील ने ACB जींद को बताया कि उसके चचेरे भाई हरदीप का बिजली बिल अधिक आने की वजह से उसका मीटर काट दिया गया था। जब उन्होंने सरकारी योजना के तहत बिल सही करवाने के लिए बिजली निगम कार्यालय में संपर्क किया, तो वहां डीसी रेट पर कार्यरत क्लर्क गुलाब ने ₹22,000 की रिश्वत की मांग की।
सुनील के अनुसार, उसने 30 जुलाई को पहली किस्त के रूप में ₹8,500 गुलाब को दिए। इस राशि में से गुलाब ने सिर्फ ₹3,600 का बिल जमा कर रसीद काटी, जबकि शेष ₹4,900 रुपये अपने पास रख लिए। गुलाब ने उसे कहा कि बचे हुए ₹17,000 वह 1 अगस्त को लेकर आए।
ACB ने बिछाया जाल
शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने पिल्लूखेड़ा में तैनात जन स्वास्थ्य विभाग के SDO सुमित कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। ACB ने ₹17,000 पर विशेष रंग लगाया और सुनील को गुलाब को पैसे देने के लिए भेजा। 1 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे, सुनील जब बिजली निगम कार्यालय पहुंचा, तो गुलाब को पैसे देने लगा। लेकिन गुलाब को शक हो गया, जिसके बाद उसने पैसे पास बैठे कैशियर हैप्पी को देने को कहा। हैप्पी ने पैसे लेकर ₹17,000 की रसीद काट दी।
रंगे हाथों गिरफ्तार
जैसे ही पैसे दिए गए, ACB की टीम ने तुरंत छापा मारा और हैप्पी द्वारा काटी गई रसीद को जब्त कर लिया। गुलाब के पास से पहले दी गई राशि में से ₹4,400 रुपये भी बरामद किए गए। ACB ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की और करीब दो घंटे तक गहन पूछताछ की।
आरोपी क्लर्क गुलाब गिरफ्तार
पूरी कार्रवाई के बाद क्लर्क गुलाब को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई से सरकारी विभागों में काम करने वाले अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मच गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर दिनेश कुमार, एंटी करप्शन ब्यूरो जींद ने कहा कि शिकायत मिलने के बाद हमने तुरंत संज्ञान लिया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। आरोपी गुलाब को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। मामले की जांच जारी है।