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Kaithal News: MGNREGA में फर्जी हाजिरी लगाकर करोड़ों का घोटाला! सांसद का एक्शन, कई अधिकारियों पर गिरी गाज

BY: • LAST UPDATED : January 9, 2025

Inkhabar Haryana, Kaithal News: हरियाणा के कैथल जिले में MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत 18 करोड़ रुपये के घोटाले का मामला उजागर हुआ है। प्रशासन ने इस मामले में त्वरित कदम उठाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में मजदूरों की फर्जी हाजिरी और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले में तीन मनरेगा मेट्स को सस्पेंड किया गया है और चार जूनियर इंजीनियर (जेई) को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया है।

घोटाले का खुलासा और कार्रवाई की शुरुआत

इस मामले की शुरुआत सांसद नवीन जिंदल की अध्यक्षता में हुई दिशा मीटिंग से हुई, जहां गुहला के विधायक देवेंद्र हंस ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने मनरेगा योजनाओं में फर्जी हाजिरी और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। जांच में पाया गया कि मजदूरों की उपस्थिति को फर्जी तरीके से दर्ज कर मजदूरी का गबन किया गया। चौंकाने वाली बात यह थी कि दो मजदूर, जो विदेश गए हुए थे, उनकी हाजिरी मनरेगा रिकॉर्ड में दर्ज की गई और उनके नाम पर पैसा निकाला गया।

सांसद नवीन जिंदल ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

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जांच में सामने आईं प्रमुख अनियमितताएं

  •  फर्जी हाजिरी: कई मजदूर, जो वास्तव में काम पर नहीं थे या विदेश गए हुए थे, उनकी उपस्थिति दर्ज कर उनके नाम पर पैसे निकाले गए।
  •  अधिकारियों की मिलीभगत: निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी के साथ फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए गए।
  •  निर्माण कार्यों में चूक: इरिगेशन विभाग के संबंधित चार जेई के कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

सस्पेंड मेट्स और दोषी जेई

  • सस्पेंड मेट्स (गांव कक्हेड़ी)-  रणधीर सिंह, अनुज,  सतपाल
  • इरिगेशन विभाग के दोषी जेई (सरस्वती हैरिटेज डिवीजन 3, कैथल)-  सोनू,  शुभम धीमान, सलिंदर कुमार, मुनीष कुमार

जांच और आगे की कार्रवाई

सीवन BDPO नेहा शर्मा ने बताया कि ककराला इनायत गांव में 40 से ज्यादा लोग विदेश में रहते हुए भी मनरेगा के रिकॉर्ड में हाजिर दिखाए गए। इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। उन्होंने गांव के सरपंच और सचिव को इस मामले में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

सरस्वती हैरिटेज डिवीजन 3 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (एक्सईएन) दिग्विजय शर्मा ने बताया कि सितंबर में इस घोटाले की शिकायत मिली थी। मस्टर रोल में गड़बड़ी के बाद मामले को बीडीओ कार्यालय को ट्रांसफर कर दिया गया। विभागीय स्तर पर भी जांच जारी है, और दोषी पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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