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Kanwar Yatra 2025: हरिद्वार से फरीदाबाद पहुंचा शिवभक्तों का जत्था, महिला श्रद्धालुओं की बढ़ती भागीदारी बनीं आस्था की मिसाल

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Inkhabar Haryana, Kanwar Yatra 2025: सावन माह में शिवभक्तों की आस्था और श्रद्धा की मिसाल बन चुकी कांवड़ यात्रा एक बार फिर पूरे जोश के साथ फरीदाबाद में देखने को मिल रही है। हरिद्वार और गोमुख से हजारों की संख्या में शिवभक्त कांवड़ लेकर अपने-अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं। जहां एक ओर भक्तों की भावनाएं सातवें आसमान पर हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सेवा और सुरक्षा व्यवस्था का समन्वय भी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है।

कांवड़ शिविरों में दिखी सेवा और सुरक्षा के इंतजाम

जगह-जगह लगाए गए कांवड़ शिविर शिवभक्तों के लिए विश्राम और सेवा का केंद्र बने हुए हैं। इन शिविरों में कुछ देर रुककर कांवरिये थकान मिटा रहे हैं और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। इन शिविरों में भोजन, दवाई, आराम की व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम भी किए गए हैं। जिला पुलिस प्रशासन की ओर से हर शिविर और मुख्य मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी शिवभक्त को कोई परेशानी ना हो।

इस बार वजनदार कांवड़ का दिखा क्रेज

इस बार की कांवड़ यात्रा में विशेष रूप से एक नया ट्रेंड सामने आया है भारी भरकम कांवड़ों का। एक युवा श्रद्धालु 101 लीटर गंगाजल से भरी कांवड़ लेकर यात्रा पर निकला है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। भारी वजन की यह कांवड़ न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि भक्त की कठिन साधना और आत्मबल को भी दर्शाती है।

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महिला श्रद्धालुओं की भागीदारी बढ़ी

इस बार की यात्रा में महिला कांवरियों की संख्या भी काफी बढ़ी है। हरिद्वार से कांवड़ लेकर पहुंची दो महिलाओं ने पहली बार यह यात्रा पूरी की। उन्होंने बताया कि आस्था के सामने सारे कष्ट नगण्य हो जाते हैं। रास्ते में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई, बल्कि लोगों का सहयोग और सेवा हर कदम पर मिला।

वहीं, एक तीसरी महिला जो लगातार तीसरे वर्ष कांवड़ यात्रा कर रही हैं, ने कहा कि यह केवल भक्ति नहीं बल्कि मनोकामना पूर्ति का माध्यम भी है। उन्होंने बताया, “बाबा भोलेनाथ सारे दुख दूर करते हैं। मैं चाहती हूं कि घर में सुख-शांति बनी रहे, इसी कामना के साथ हर साल कांवड़ लाती हूं।”

जलाभिषेक की तैयारियां जोरों पर

कांवरियों की यात्रा का समापन परसों होगा, जब वे अपने गांव और शहरों के शिवालयों में बाबा भोलेनाथ को गंगाजल अर्पित करेंगे। इसको लेकर सभी मंदिरों में भी तैयारियां तेज हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समितियों की ओर से भी विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।