




Inkhabar Haryana, Karnal News: हरियाणा के करनाल जिले के घोघड़ीपुर गांव का रहने वाला अमित आखिरकार अमेरिका से सकुशल अपने गांव लौट आया है, लेकिन उसकी यह वापसी किसी साधारण यात्रा की तरह नहीं थी। यह कहानी संघर्ष, कठिनाइयों और एक राजनीतिक वायदे के पूरे होने की मिसाल है।
बता दें कि, अमित का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और इसी वजह से वह बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया। उसके परिवार ने विदेश जाने के लिए अपने खेतों को बेच दिया और घर को गिरवी रख दिया, ताकि 42 लाख रुपये की भारी कीमत चुकाकर वह डोंकी रूट (अवैध तरीके से विदेश जाने का मार्ग) से अमेरिका पहुंच सके।17 जुलाई 2023 को वह अपने घर से निकला और 8 जुलाई को एक कैंप से बाहर निकाला गया। लेकिन यह सफर जितना कठिन था, उतनी ही मुश्किलें उसके वहां पहुंचने के बाद शुरू हुईं।
20 सितंबर को तड़के सुबह 5 बजे, राहुल गांधी गुपचुप तरीके से अमित के गांव घोघड़ीपुर पहुंचे। वहां उन्होंने अमित के परिजनों से मुलाकात की और अमित को भारत लाने तथा उसका इलाज करवाने का आश्वासन दिया। उनके सहयोगी वीरेंद्र राठौड़ अब यह उनका इलाज करवा रहे हैं राहुल गांधी ने वादा किया था इलाज करवाने का जो इलाज मेरे बेटे का करवा रहे हैं।




