Inkhabar Haryana, Karnal News: अमेरिका सरकार ने जब से अवैध रुप से रह रहें भारतीयों के खिलाफ एक्शन लिया है, तब से हरियाणा के लोगों का नाम भी सामने आ रहा हैं जो डंकी रुट से भारत से अमेरिका गए है। ऐसा ही एक मामला करनाल के घरौंडा के कालरों गांव के रहने वाले 20 वर्षीय आकाश का सामने आया है। अमेरिका जाने की उसकी जिद ने न सिर्फ उसके परिवार को आर्थिक रुप से तोड़ा है, बल्कि उसे वापस वहीं खड़ा कर दिया है, जहां से उसने अपना अमेरिका जाने का सफर शुरु किया था।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, आकाश के बड़े भाई शुभम ने उसकी जिद के आगे झुकते हुए उसे विदेश भेजने का फैसला किया। परिवार की सारी जमापूंजी और ढाई एकड़ जमीन बेचकर उन्होंने एजेंट को 65 लाख रुपये दिए। एजेंट का वादा था कि वह आकाश को सीधे मैक्सिको भेजेगा, जहां से वह अमेरिका में प्रवेश कर सके। लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।
आकाश को मैक्सिको के बजाय एक खतरनाक रास्ते से भेजा गया। वह कई देशों से होकर जंगलों, समुद्र और रेगिस्तानों को पार करते हुए अमेरिका पहुंचा। आखिरकार, 26 जनवरी को उसने मैक्सिको की दीवार कूदकर अमेरिका में प्रवेश किया, लेकिन वहां उसे तुरंत पकड़ लिया गया।
डर दिखाकर डिपोर्ट कर दिया गया
अमेरिकी अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया। कुछ समय बाद उसे बॉन्ड पर रिहा किया जाना था, लेकिन उससे डिपोर्टेशन पेपर पर जबरदस्ती साइन करवा लिए गए। 6 फरवरी को उसे सैन्य विमान से भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
जब शुभम को पता चला कि उसका भाई भारत वापस आ रहा है, तो पूरा परिवार सदमे में चला गया। उनके 72 लाख रुपये बर्बाद हो चुके थे और आकाश की अमेरिका जाकर बसने की उम्मीदें भी टूट चुकी थीं।
परिवार के पास जमीन भी नहीं बची
आकाश के वापस आने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और भी खराब हो गई है। उनके पास अब अपनी जमीन भी नहीं बची, और जो भी पैसे बचे थे, वे आकाश की यात्रा में खर्च हो गए।
परिवार चाहता है कि जिन एजेंटों ने उनके साथ धोखा किया, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। शुभम ने कहा कि हम चाहते हैं कि कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे। ये एजेंट लोगों को झूठे सपने दिखाकर उनका सबकुछ लूट लेते हैं। सरकार को इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए।