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Khanauri Border: खनौरी बॉर्डर पर आर्थिक संकट! ढाबा मालिक 4 हजार से 300 रुपए की मजदूरी तक पहुंचा

BY: • LAST UPDATED : December 9, 2024
Inkhabar Haryana, Khanauri Border: कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन ने खनौरी बॉर्डर के आसपास के व्यवसायों पर गहरी चोट की है। पांच साल से ढाबा चला रहे कृपाल राम अपनी जीविका के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कभी दिन में चार हजार रुपए तक की कमाई करने वाले कृपाल राम अब 300 रुपए की मजदूरी पर निर्भर हैं। यह भी समय पर नहीं मिलती।

ढाबा बंद, परिवार सड़क पर आने को मजबूर

कृपाल राम ने बताया कि उनका ढाबा 24 घंटे चलता था। दिन और रात की शिफ्टों में वर्कर काम करते थे। हर दिन सैकड़ों ग्राहकों की आवाजाही रहती थी। लेकिन फरवरी के बाद से यह सब खत्म हो गया। किसानों के धरने के कारण बॉर्डर बंद हो गया और उनका व्यवसाय पूरी तरह ठप पड़ गया।

उन्होंने कहा कि जब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है, तब से हमारा काम ठप है। जो सामान ढाबे में बचा था, उसे कबाड़ में बेचने की नौबत आ गई है। परिवार की हालत इतनी खराब हो गई है कि हम सड़क पर आने को मजबूर हैं।

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मजदूरी में भी मुश्किलें

काम बंद होने के बाद कृपाल राम ने मजदूरी का सहारा लिया, लेकिन वहां भी हालात मुश्किल बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि जहां मजदूरी करता हूं, वहां समय पर पैसे तक नहीं मिलते। कभी 300 रुपए की मजदूरी मिलती है, तो कभी वह भी नहीं।

सरकार से समाधान की अपील

कृपाल राम का कहना है कि सरकार को जल्द से जल्द इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहिए। हमने पांच साल की मेहनत से इस ढाबे को खड़ा किया था। यह सिर्फ मेरी नहीं, खनौरी के कई परिवारों की कहानी है। किसान आंदोलन के कारण बहुत से लोग सड़क पर आ गए हैं। सरकार को हमें बचाने के लिए कदम उठाने चाहिए।