




Kisan Morcha: हरियाणा के जींद में किसानों ने 5 नवंबर को कुरुक्षेत्र में पंचायत करने का निर्णय लिया है। यह बैठक संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा की ओर से जाट धर्मशाला में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रत्न मान, रणवीर मलिक, कैप्टन रणधीर चहल और संदीप सिवाच ने की।
किसानों ने इस बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इनमें पराली प्रबंधन, डीएपी (डायामोनियम फॉस्फेट) की कमी और फसल उठान से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। किसान नेताओं का कहना है कि प्रदेश सरकार पराली प्रबंधन की सही व्यवस्था नहीं कर रही है और प्रदूषण का सारा दोष किसानों पर डाल रही है।
किसानों ने बताया कि केंद्र सरकार के तीन बजट में उर्वरक के अनुदान में कटौती से डीएपी की कमी हो गई है। इस साल धान का रेट कम होने के कारण किसान घाटा उठा रहे हैं। इसलिए, किसानों ने 26 नवंबर को हरियाणा के सभी जिलों में चेतावनी दिवस मनाने और आक्रोश प्रदर्शन करने का भी निर्णय लिया है।
इस प्रदर्शन के दौरान, किसान सरकार से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी, कर्ज मुक्ति और शहीद स्मारक के निर्माण की मांग करेंगे। यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है, तो वे देशव्यापी आंदोलन करने का भी मन बना रहे हैं। इस बैठक में बलबीर सिंह, सुखविंदर सिंह, कंवरजीत सिंह, जोगेंद्र नैन, विकास सीसर, बाबा गुरदीप, कुलबीर मलिक और आजाद पालवां जैसे कई अन्य किसान नेता भी मौजूद थे।
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