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Kumari Selja: चौ. चरण सिंह एचएयू हिसार में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच को लेकर सांसद कुमारी सैलजा को सौंपा ज्ञापन

By: Shristi

• LAST UPDATED : December 26, 2024

Inkhabar Haryana, Kumari Selja: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार में व्याप्त भ्रष्टाचार और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों और यूनियन प्रतिनिधियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री कुमारी सैलजा को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक भ्रष्टाचार, बीजों की कालाबाजारी और वैज्ञानिकों तथा कर्मचारियों के मानसिक उत्पीड़न ने विश्वविद्यालय की साख को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है।

भ्रष्टाचार और उत्पीड़न के गंभीर आरोप

इस ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मानसिक उत्पीड़न के चलते गोल्ड मेडलिस्ट वैज्ञानिक डॉ. दिव्या फोगाट का तनाव बढ़ गया, जिसकी वजह से उनकी असामयिक मौत हो गई। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन, खासतौर पर कुलपति, इन परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने दावा किया कि विश्वविद्यालय में आरएसएस और सरकार के हस्तक्षेप से अनुसंधान और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। खास वर्ग के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है। डॉ. दिव्या फोगाट के साथ बार-बार भेदभाव किया गया, उन्हें अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में जाने से वंचित रखा गया, और उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट खराब की गई। इन घटनाओं से डॉ. फोगाट अत्यधिक तनाव में आ गईं, जो अंततः उनकी मौत का कारण बना।

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कुमारी सैलजा ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन

सांसद कुमारी सैलजा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए वे मुख्यमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से अपील करेंगी। उन्होंने इस विषय पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक पत्र भी लिखा, जिसमें विश्वविद्यालय में प्रशासनिक अनियमितताओं और उत्पीड़न के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।

सैलजा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सांसद सैलजा ने अपने पत्र में लिखा कि चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, जो कभी एशिया का नंबर वन संस्थान था, आज भ्रष्टाचार और भेदभाव के कारण अपनी साख खोता जा रहा है। उन्होंने वैज्ञानिकों और कर्मचारियों के तनावपूर्ण माहौल पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि ऐसे मामलों की जांच कराई जाए ताकि वैज्ञानिक बिना किसी दबाव के अपने कार्य में योगदान दे सकें।

निष्पक्ष जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में यह भी मांग की कि डॉ. दिव्या फोगाट के मानसिक उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और भेदभाव की स्थिति को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।