




सांसद सैलजा ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से हिसार समेत हरियाणा के अन्य हवाई अड्डों की स्थिति पर सवाल पूछे थे। जवाब में बताया गया कि हिसार एयरपोर्ट को आवश्यक नियामकीय मंजूरी न मिलने के कारण अभी तक एयरोड्रम लाइसेंस नहीं जारी किया गया है।
बता दें कि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सिरसा एयरफोर्स स्टेशन को क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत सूचीबद्ध किया गया है, लेकिन पांच दौर की बोली प्रक्रिया के बावजूद कोई भी एयरलाइन वहां से उड़ानें संचालित करने के लिए सामने नहीं आई है। वहीं, अंबाला हवाई अड्डे पर सिविल एन्क्लेव विकसित कर लिया गया है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी और दस्तावेजीकरण लंबित होने के कारण उड़ानें अभी शुरू नहीं हो पाई हैं।
सांसद ने कहा कि सरकार हिसार एयरपोर्ट को लेकर पिछले एक दशक से झूठे दावे कर रही है। हाल की मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि हिसार एयरपोर्ट जल्द चालू होगा और एलायंस एयर वहां से उड़ानें संचालित करेगी। लेकिन मंत्रालय के जवाब से साफ है कि इन दावों में सच्चाई नहीं है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हरियाणा में नागरिक विमानन परियोजनाओं को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। जबकि देश के 28 वायुसेना स्टेशनों पर नागरिक उड़ानें संचालित हो रही हैं, सिरसा और अंबाला जैसे स्थान अपनी क्षमता के बावजूद कम उपयोग में हैं।
कुमारी सैलजा ने सिरसा एयरफोर्स स्टेशन पर नागरिक उड़ानों के संचालन की मांग की। उन्होंने कहा कि इस स्टेशन पर लगातार वीआईपी मूवमेंट होता है, जिससे यहां पर नागरिक उड़ानों का संचालन भी संभव और जरूरी हो जाता है। उन्होंने सरकार से सिरसा में सार्वजनिक उड़ानों के लिए काउंटर स्थापित करने और नागरिक उड्डयन संचालन को तुरंत मंजूरी देने की मांग की।
अंबाला के संबंध में उन्होंने कहा कि सिविल एन्क्लेव का विकास हो चुका है, लेकिन सुरक्षा मंजूरी में देरी के कारण वहां से उड़ानें शुरू नहीं हो पा रही हैं।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हिसार एयरपोर्ट को लेकर झूठे वादे करना सरकार की आदत बन गई है। हरियाणा की जनता को इस तरह गुमराह करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को अब अपनी नाकामियों को छिपाने के बजाय परियोजनाओं को समय पर पूरा करना चाहिए।




