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Kumari Selja: “डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं प्रदेश के सरकारी अस्पताल”- कुमारी सैलजा

BY: • LAST UPDATED : January 20, 2025
Inkhabar Haryana, Kumari Selja: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ की कमी ने न केवल मरीजों के इलाज को प्रभावित किया है, बल्कि मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के भविष्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाला है।

सांसद सैलजा ने कहा कि जिन जिलों में कैंसर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहां कैंसर जांच और उपचार की समुचित व्यवस्था के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति बेहद जरूरी है। सिरसा और फतेहाबाद जैसे जिलों में कैंसर रोग विशेषज्ञ न होने से मरीजों को अन्य जिलों में इलाज के लिए जाना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और आर्थिक बोझ बढ़ता है।

सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की बदहाली

कुमारी सैलजा ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का आलम यह है कि सरकारी अस्पतालों में करीब 1500 डॉक्टरों के पद खाली हैं। यहां तक कि प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान पीजीआई रोहतक में लगभग 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। इससे न केवल मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं, बल्कि तैनात कर्मचारियों पर काम का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है।

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उन्होंने कहा कि बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज और फरीदाबाद के छायसां मेडिकल कॉलेज में भी स्टाफ की भारी कमी है। बार-बार विधानसभा में यह मुद्दा उठने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।

कैंसर रोग विशेषज्ञों की नियुक्ति की मांग

कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में कैंसर रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सरकार को सिरसा और फतेहाबाद जिलों में कैंसर रोग विशेषज्ञों की तुरंत नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि बार-बार पत्राचार के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि सिरसा में कैंसर उपचार संस्थान खोला जाना चाहिए, ताकि मरीजों को दूसरे जिलों या निजी अस्पतालों में जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। कुमारी सैलजा ने कहा कि घोषणाएं करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को मरीजों के जीवन से खिलवाड़ बंद कर तुरंत उनके उपचार का प्रबंध करना चाहिए।

सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल

सांसद सैलजा ने कहा कि जब डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ ही नहीं होंगे तो मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं कैसे मिलेंगी? उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को मजबूर होकर निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है।