




Inkhabar Haryana, Kumari Selja: हरियाणा में भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री, और सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि प्रदेश सरकार बिजली उपभोक्ताओं को बार-बार झटका दे रही है। बिजली दरों में लगातार वृद्धि और फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA) की अवधि बढ़ाने को लेकर उन्होंने भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। सैलजा ने इसे आम जनता की जेब पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि सरकार अपने वादों से मुकर रही है और जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है।
कुमारी सैलजा ने अपने बयान में कहा कि प्रदेश सरकार ने एफएसए को मार्च 2026 तक बढ़ा दिया है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 47 पैसे अतिरिक्त देना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा में बिजली की दरें पहले ही अन्य राज्यों की तुलना में अधिक हैं और अब एफएसए के जरिए उपभोक्ताओं पर और भार डाला जा रहा है। सरकार के इस फैसले से 84 लाख बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा आर्थिक झटका लगा है।
सैलजा ने बताया कि जहां कई राज्य 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान कर रहे हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रहे हैं। इसके विपरीत हरियाणा में बिजली दरें 2.75 रुपये से लेकर 7.10 रुपये प्रति यूनिट तक हैं, जो अन्य राज्यों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की खरीद दरें सभी राज्यों के लिए लगभग समान हैं, लेकिन हरियाणा सरकार सस्ती बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं से अधिक वसूली कर रही है।
सैलजा ने कहा कि FSA की अवधि बढ़ाने से उपभोक्ताओं को 201 यूनिट के बिजली बिल पर 94.47 रुपये ज्यादा देने होंगे। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) के 80 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर विभाग के घाटे को पूरा करने के लिए जनता की जेब काटने का काम कर रही है।
कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले सरकार जनहितैषी होने का दावा करती है, लेकिन सत्ता में आते ही जनता पर टैक्स और शुल्क का बोझ डाल देती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बिजली की ऊंची दरें और एफएसए की अवधि बढ़ाना जनता के साथ धोखा है।
सैलजा ने सरकार से मांग की कि FSA को तुरंत वापस लिया जाए और जनता को राहत दी जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियां जनविरोधी हैं और इससे जनता का सरकार पर विश्वास खत्म हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार वास्तव में जनहित की परवाह करती है, तो उसे बिजली दरों को कम करने और मुफ्त बिजली देने जैसे कदम उठाने चाहिए।




