




Kumari Selja:हरियाणा में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से वादा किया था कि धान की खरीद 3100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर की जाएगी। लेकिन यह वादा पूरा नहीं हुआ। मंडियों में किसानों को सिर्फ 2100-2200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा एक प्रमुख धान उत्पादक राज्य है और राज्य की अर्थव्यवस्था में धान का बड़ा योगदान है। हरियाणा में खरीफ के सीजन में लगभग 49 फीसदी भूमि पर धान की खेती होती है। इनमें भी 56 फीसदी क्षेत्र में बासमती धान की खेती होती है, जो कि अधिकतर निर्यात के लिए होती है। जबकि गैर-बासमती धान की खरीद सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाती है। केंद्र सरकार ने सामान्य धान का मूल्य 2300 रुपये और ग्रेड ए धान का भाव 2320 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो कि किसानों के खर्च को भी पूरा नहीं कर पा रहा है।
कुमारी सैलजा ने बताया कि एक एकड़ में धान की खेती का खर्च लगभग 21000-22000 रुपये आता है। जब किसानों को कम कीमत पर धान बेचने पर मजबूर किया जाता है, तो उनकी बचत काफी कम हो जाती है। सरकार से मांग है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिले ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। साथ ही, किसानों को समय पर खाद, बीज, और सिंचाई का पानी उपलब्ध करवाने की भी आवश्यकता है ताकि वे बिना किसी चिंता के खेती कर सकें।




