




कुमारी सैलजा ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि हिसार-सिरसा चार लेन वाले एनएच-10 पर फतेहाबाद और सिरसा के एंट्री प्वाइंट्स यात्रियों के लिए समस्या का कारण बने हुए हैं। खासकर, पहली बार इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को रात के समय भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन स्थानों पर न तो उचित लाइट की व्यवस्था है और न ही संकेतक लगे हुए हैं, जिससे वाहन चालक अक्सर गलत दिशा में चले जाते हैं।
सैलजा ने बताया कि सिरसा में प्रवेश करने वाले कई यात्री अनजाने में डबवाली की ओर चले जाते हैं। वहीं, फतेहाबाद में भी ऐसा ही समस्या बनी रहती है। उन्होंने इन एंट्री प्वाइंट्स पर आधुनिक लाइट्स और संकेतकों की व्यवस्था का सुझाव दिया, ताकि दुर्घटनाओं और असुविधा को कम किया जा सके।
सिर्फ एंट्री प्वाइंट्स ही नहीं, सैलजा ने एनएच-10 पर हिसार से डबवाली के बीच बने करीब 41 किलोमीटर लंबे नाले की हालत पर भी सवाल उठाए। इस नाले पर 61 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन इसकी स्लैब टूट चुकी है और यह पूरी तरह अनुपयोगी हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के पानी की निकासी के नाम पर करोड़ों रुपये बर्बाद किए गए हैं। उन्होंने इस परियोजना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जा सके।
कुमारी सैलजा ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि इन समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए। उन्होंने मांग की है कि एंट्री प्वाइंट्स पर लाइट्स और संकेतकों की व्यवस्था जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा, नाले की मरम्मत कर पानी की उचित निकासी के प्रबंध किए जाएं, ताकि यात्रियों और स्थानीय निवासियों को किसी तरह की परेशानी न हो।




