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Kumari Selja: “रेलवे बजट के नाम पर हरियाणा की जनता को गुमराह कर रही है भाजपा सरकार”- कुमारी सैलजा

BY: • LAST UPDATED : February 4, 2025
Inkhabar Haryana, Kumari Selja: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर रेलवे बजट के नाम पर हरियाणा की जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ प्रदेश के 34 रेलवे स्टेशनों को “अमृत स्टेशन” बनाने का दावा कर रही है, लेकिन दूसरी ओर रेलवे की भूमि को लीज पर देने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि बजट में यह स्वीकार किया गया है कि हरियाणा में 14 रेलवे परियोजनाओं में से 06 की प्रगति अभी तक शून्य है।

बजट में सिर्फ आंकड़े, काम जमीन पर नहीं

कुमारी सैलजा ने मीडिया को जारी अपने बयान में कहा कि हर बार केंद्र सरकार बड़े-बड़े रेलवे प्रोजेक्ट की घोषणाएं करती है, लेकिन उन पर काम नहीं होता। उदाहरण के तौर पर, हिसार-सिरसा वाया अग्रोहा-फतेहाबाद 93 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन के लिए 410 करोड़ रुपये का बजट रखा गया था, लेकिन इस पर अब तक कोई काम शुरू नहीं हुआ। यह ट्रैक दशकों पुरानी मांग है, जिसे सरकार को जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए।

इसी तरह, अस्थल बोहर-रेवाड़ी 75 किलोमीटर ट्रैक के लिए 752 करोड़ रुपये की लागत तय की गई थी, लेकिन अभी तक इसका कार्य शुरू नहीं हुआ। फिरोजपुर-बठिंडा-जाखल-हिसार 169 किलोमीटर ट्रैक के लिए 1688 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया, लेकिन यहां भी शून्य प्रगति देखने को मिल रही है। दिल्ली-सोहना-नूंह-फिरोजपुर-झिरका-अलवर 104 किलोमीटर रेलवे लाइन के लिए 2500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, परंतु इस पर भी कोई काम नहीं हुआ।

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अहम परियोजनाओं पर भी सरकार की उदासीनता

सांसद सैलजा ने कहा कि यमुनानगर-चंडीगढ़ वाया सढौरा-नारायणगढ़ 91 किलोमीटर ट्रैक के लिए 901 करोड़ रुपये की लागत तय की गई थी, लेकिन यह परियोजना अभी तक अधर में लटकी हुई है। इसी तरह, मेरठ-पानीपत 104 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर 2200 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना थी, लेकिन इसकी प्रगति मात्र 1% ही हुई है।

हालांकि, चंडीगढ़-बद्दी 28 किलोमीटर रेलवे लाइन की प्रगति 27% तक पहुंची है, लेकिन यह भी बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रही है। रेवाड़ी-खाटूवास 3.5 किलोमीटर रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण के लिए 66 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट भी केवल 25% ही पूरा हो पाया है। भिवानी-डोभ-बहाली रेलवे लाइन के दोहरीकरण के लिए 417 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन यहां भी प्रगति सिर्फ 20% तक सीमित है।

केवल पलवल-न्यू पृथला प्रोजेक्ट हुआ पूरा

कुमारी सैलजा ने बताया कि हरियाणा में जिन 14 रेलवे परियोजनाओं की घोषणा की गई थी, उनमें से केवल पलवल-न्यू पृथला परियोजना को ही पूरा किया जा सका है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल आंकड़ों की बाजीगरी में लगी हुई है और जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्य नहीं कर रही है।

सरकार से जवाबदेही की मांग

कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि हरियाणा के रेलवे प्रोजेक्ट्स को लेकर इतनी उदासीनता क्यों बरती जा रही है? उन्होंने मांग की कि हिसार-सिरसा वाया अग्रोहा-फतेहाबाद रेलवे ट्रैक जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तुरंत काम शुरू किया जाए और जनता को केवल घोषणाओं से बहलाने की बजाय वास्तविक विकास कार्य किए जाएं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोग भाजपा सरकार की इस असफलता को देख रहे हैं और आने वाले समय में जनता सरकार से इन तमाम वादाखिलाफियों का जवाब जरूर मांगेगी।