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Kumari Sheilja News: हरियाणा में कचरा प्रबंधन की समस्या, कुमारी सैलजा ने उठाया भ्रष्टाचार का मुद्दा

BY: • LAST UPDATED : November 23, 2024
Inkhabar Haryana, Kumari Sheilja News: कचरा प्रबंधन आजकल देशभर में एक बड़ी समस्या बन चुका है और हरियाणा में यह एक विकराल रूप ले चुका है। यह समस्या न केवल पर्यावरण को प्रभावित कर रही है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही है। इस मुद्दे पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि राज्य में कचरा प्रबंधन व्यवस्था भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है और इससे करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है।

कचरा प्रबंधन में भ्रष्टाचार का आरोप

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि हरियाणा में कचरा प्रबंधन योजना को सख्ती से लागू करने में सरकार न केवल विफल रही है, बल्कि इस व्यवस्था में भ्रष्टाचार भी बढ़ता जा रहा है। राज्य में कचरा प्रबंधन के नाम पर बड़े-बड़े घोटाले हुए हैं, लेकिन किसी भी दोषी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने इस बात को गंभीर चिंता का विषय बताया कि कचरा न केवल प्रदूषण का कारण बन रहा है, बल्कि इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है।

कचरे से फैलने वाले रोग और असुविधाएं

कुमारी सैलजा ने बताया कि नालियों और नालों में कचरे के जमा होने से न केवल जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है, बल्कि यह डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का कारण भी बन रहा है। कचरे के ढेर के कारण सड़कों पर पानी जमा हो जाता है, जिससे लोगों को आने-जाने में कठिनाई होती है और अस्वच्छ वातावरण से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का आदेश

सैलजा ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यह आदेश दिया था कि कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही फेंका जाए और यदि कोई व्यक्ति या संस्थान नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बावजूद इसके, लोग चुपके से अपने घरों या संस्थानों का कचरा सार्वजनिक स्थानों पर फेंकते हैं, जो इस नियम की असफलता को दर्शाता है।

प्लास्टिक कचरे का संकट

कुमारी सैलजा ने राज्य में प्लास्टिक कचरे के बढ़ते संकट पर भी ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि जबकि सरकार दावा करती है कि प्रदेश में 78 प्रतिशत प्लास्टिक कचरे को रिसाइकिल किया जा रहा है, फिर भी गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों में कचरा निस्तारण प्लांट की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इन शहरों में कचरे का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है, और यहां के कचरे का निस्तारण न होने से आसपास के इलाके भी प्रभावित हो रहे हैं।

गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता

कुमारी सैलजा ने सरकार से अपील की कि कचरा प्रबंधन के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कचरा प्रबंधन की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को इस दिशा में आवश्यक सुधार करने चाहिए ताकि आम जनता को इसके दुष्परिणामों से बचाया जा सके।