वीडियो कॉल बनी आखिरी याद
सूत्रों के मुताबिक, अंजू शर्मा ने विमान में बैठने के कुछ ही मिनटों बाद अपनी बहन नीलू को वीडियो कॉल किया था, लेकिन नीलू उस समय कॉल अटेंड नहीं कर पाई। अब यह बात उसे अंदर तक झकझोर रही है। नीलू ने बताया कि उसे इस बात का बेहद मलाल है कि वह बहन की आखिरी कॉल नहीं ले पाई। अंजू शर्मा का व्हाट्सएप स्टेटस भी अब चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्होंने लिखा था कि आदमी खिलौना है, जो अब उनके जीवन की अंतिम डिजिटल स्मृति बन गई है।
बेटी से मिलने जा रही थीं लंदन
कई वर्षों से अंजू शर्मा अपने परिवार के साथ गुजरात के वडोदरा में रह रही थीं। आठ बहनों में सबसे बड़ी अंजू अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए लंदन जा रही थीं। लेकिन दुर्भाग्यवश यह यात्रा उनके जीवन की आखिरी यात्रा बन गई। परिजनों ने बताया कि विमान हादसे के बाद अंजू की पहचान उनके डीएनए के माध्यम से की गई। इसके लिए वडोदरा में उनकी छोटी बेटी का डीएनए सैंपल लिया गया, जिसकी पुष्टि हो चुकी है। अब परिजन वडोदरा के लिए रवाना हो गए हैं।
बीमार माता-पिता को नहीं दी गई खबर
दुर्भाग्य की एक और परत यह है कि अंजू शर्मा के माता-पिता को अब तक इस हादसे की सूचना नहीं दी गई है। दोनों बुजुर्ग बीमार हैं। उनके पिता जगदीश शर्मा भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं और ब्रेन हैमरेज के बाद से बिस्तर पर हैं। उनकी माता भी गंभीर रूप से बीमार हैं। फिलहाल गांव में शोक व्यक्त करने वालों से मिलने का जिम्मा अंजू की बहन, चाचा और जीजा निभा रहे हैं। घर में मातम का माहौल है, और हर कोई अंजू की अचानक गई जान से स्तब्ध है।
गांव में पसरा मातम
रामशरण माजरा गांव में लोग अंजू शर्मा को एक स्नेही और व्यवहारकुशल महिला के रूप में जानते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि अंजू जब भी गांव आती थीं, तो पूरे परिवार और रिश्तेदारों से मिलकर जाती थीं। उनके निधन की खबर मिलते ही गांव में गहरी शोक लहर फैल गई है।