




Inkhabar Haryana, Maharishi Chayavan Medical College: हरियाणा के नारनौल जिले में स्थित गांव कोरियावास में तैयार हुआ नया मेडिकल कॉलेज, अपनी स्थापना से पहले ही नामकरण विवाद की वजह से चर्चा का केंद्र बन गया है। राज्य सरकार द्वारा इस कॉलेज का नाम “महर्षि च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज” रखे जाने के फैसले का क्षेत्र की कई पंचायतों और स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि इस संस्थान का नाम स्वतंत्रता सेनानी राव तुलाराम के नाम पर होना चाहिए, जिन्होंने नसीबपुर की धरती पर 5000 सैनिकों के साथ शहादत दी थी। इस मांग को लेकर अब विरोध की लहर सड़कों पर उतर चुकी है और जनआंदोलन का रूप ले रही है।
इस मेडिकल कॉलेज की आधारशिला हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रखी थी। कोरियावास गांव में यह कॉलेज अब बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है। इसके साथ-साथ 850 बेड वाला एक विशाल अस्पताल भी बनाया गया है, जिसकी ओपीडी सेवाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने हाल ही में ऐलान किया कि इस शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में मेडिकल की कक्षाएं भी शुरू हो जाएंगी।
कॉलेज के शैक्षणिक आरंभ से पहले ही नामकरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सरकार ने इसका नाम “महर्षि च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज” रखा है, जिसकी वजह ढोसी पर्वत को बताया जा रहा है जहां च्यवन ऋषियों ने तप किया था। लेकिन स्थानीय जनता इस तर्क से सहमत नहीं है। क्षेत्र के लोगों और पंचायतों का कहना है कि कॉलेज का नाम “राव तुलाराम मेडिकल कॉलेज” होना चाहिए, ताकि स्थानीय स्वतंत्रता सेनानी और इतिहास के नायक को सम्मान मिल सके।
विवाद कोई नया नहीं है। पिछले तीन महीनों से मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार के बाहर ग्रामीण जनप्रतिनिधि लगातार धरना दे रहे हैं। लेकिन आज यह विरोध एक विशाल आंदोलन में बदल गया, जब 101 गांवों की पंचायतें लगभग 100 ट्रैक्टरों पर सवार होकर नारनौल के लघु सचिवालय पहुंचीं। प्रतिनिधियों ने वहां मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और कॉलेज का नाम राव तुलाराम के नाम पर रखने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच कहासुनी और हल्की झड़प भी हुई, जब प्रदर्शनकारी अपने ट्रैक्टरों को सचिवालय परिसर में ले जाना चाहते थे लेकिन प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी। इससे पहले, प्रदर्शनकारियों ने मेडिकल कॉलेज के बाहर लगे सरकारी बोर्ड—जिस पर ‘च्यवन ऋषि मेडिकल कॉलेज’ लिखा था—को भी तोड़ दिया था।
कोरियावास गांव की पंचायत का कहना है कि उन्होंने कॉलेज के लिए 85 एकड़ जमीन दान दी है। ऐसे में कॉलेज का नाम उनके क्षेत्र के गौरव, राव तुलाराम, के नाम पर रखा जाना चाहिए। राव तुलाराम वह सेनानी थे जिन्होंने 1857 की क्रांति में अंग्रेजों के खिलाफ जमकर युद्ध किया था और जिनके बलिदान की गाथा नारनौल और नसीबपुर की धरती से जुड़ी है।




