




अपने संबोधन में महिपाल ढांडा ने कहा कि गाय को भारतीय संस्कृति में माता का दर्जा प्राप्त है, लेकिन आज समाज ने इसे सड़कों पर छोड़कर उसकी दुर्दशा कर दी है। उन्होंने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गोवंश संरक्षण और उसकी देखभाल हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि एक गौमाता एक एकड़ खेती संभाल सकती है। हमें प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए और इसके लिए गोवंश का सहारा लेना जरूरी है।
शिक्षा मंत्री ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार द्वारा गोवंश संरक्षण के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2014 में सरकार बनने के बाद गोवंश के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हरियाणा में कोई भी गौशाला ऐसी नहीं है, जिसे सरकार से हर साल आर्थिक सहायता न मिलती हो।
महिपाल ढांडा ने ग्रामीणों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में किसानों का सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं और इसके लिए ग्रामीणों के सुझावों का स्वागत किया जाएगा।
युवाओं के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और मुद्रा योजना जैसी योजनाओं से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने कामकाजी युवाओं के लिए ऐसे रास्ते खोल दिए हैं, जिनसे उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार काम करने का अवसर मिलता है।
महिपाल ढांडा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारों में भ्रष्टाचार चरम पर था और नौकरियां बेची जाती थीं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने काबिल युवाओं को घर बैठे पारदर्शी प्रक्रिया से नौकरी दी है।




