पिता की उम्मीदें CBI से
संजय ने कहा कि हमें पूरा भरोसा है कि CBI दरिंदों को पकड़कर सच्चाई सामने लाएगी। हम उस दिन का इंतजार कर रहे हैं जब बेटी को न्याय मिलेगा। मेरी बेटी ने घर में एक छोटा-सा मंदिर बनाया था, अब उसी जगह उसकी यादें ही बची हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने केस CBI को सौंपने का फैसला लेकर एक बड़ा कदम उठाया है, लेकिन अब जरूरी है कि जांच में तेजी लाई जाए और जल्द से जल्द चार्जशीट अदालत में पेश की जाए।
स्थानीय पुलिस पर आरोप
मनीषा के पिता ने इस बात पर नाराजगी जताई कि स्थानीय पुलिस उन लोगों पर FIR दर्ज कर रही है, जिन्होंने परिवार का साथ दिया। उन्होंने अपील की पुलिस प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती है कि हमारे समर्थकों को परेशान न किया जाए। वे तो हमारे लिए आवाज उठाने आए थे, उनके खिलाफ कार्रवाई करना ठीक नहीं है।
सरकार का फैसला और आगे की तैयारी
सोमवार, 25 अगस्त की रात मुख्यमंत्री नायब सैनी ने केस को CBI को ट्रांसफर करने की फाइल क्लियर की। इसके बाद से परिवार और गांववालों में न्याय की उम्मीद और भी बढ़ गई है। अब 27 अगस्त को मनीषा के गांव ढाणी लक्ष्मण में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। घर के पास टेंट लगाया जा चुका है। इस कार्यक्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम भी पुख्ता किए हैं ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।