Inkhabar Haryana, Manisha murder Case: हरियाणा के भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र के ढाणी लक्ष्मण गांव की रहने वाली महिला टीचर मनीषा की निर्मम हत्या का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। यह घटना न केवल प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा कर रही है। पांच दिन बीत जाने के बावजूद आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग पाया है। यही कारण है कि परिजन अब तक बेटी का अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं हुए और ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
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क्या हैं पूरा मामला?
11 अगस्त को मनीषा अपने गांव ढाणी लक्ष्मण से स्कूल पढ़ाने गई थी। उसने घर से निकलते समय अपने पिता से कहा था कि वह बीएससी में दाखिले की प्रक्रिया पूरी करने के लिए देर से लौटेगी। लेकिन इसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। परिजनों ने जब उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने इसे हल्के में लिया। पुलिस का रवैया इतना लापरवाह था कि उन्होंने परिवार को समझाने की कोशिश की कि बेटी शायद खुद ही कहीं चली गई होगी और वापस आ जाएगी।
पुलिस की खानापूर्ति और शव की बरामदगी
12 अगस्त को पुलिस ने औपचारिक तौर पर मामला दर्ज किया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया। दो दिन बाद, यानी 14 अगस्त को, मनीषा का शव सिंघानी क्षेत्र की नहर के पास बरामद हुआ। शव बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे साफ जाहिर हुआ कि हत्या कहीं और की गई और बाद में लाश को नहर किनारे फेंक दिया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद परिजनों का आक्रोश
भिवानी नागरिक अस्पताल में हुए शुरुआती पोस्टमार्टम को परिजनों ने खारिज कर दिया। इसके बाद रोहतक में दोबारा पोस्टमार्टम किया गया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि मनीषा की गला रेतकर हत्या की गई थी। और भी चौंकाने वाली बात यह रही कि शव से आंखें और कई अंग गायब थे। हालांकि दुष्कर्म की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। इन परिस्थितियों ने परिजनों और ग्रामीणों के गुस्से को और भड़का दिया।
सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्रवाई
लगातार विरोध और आक्रोश के बीच राज्य सरकार ने भिवानी एसपी मनबीर सिंह को पद से हटा दिया और लोहारू चौकी के एसएचओ, लेडी एएसआई सहित पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। बावजूद इसके, आरोपियों की गिरफ्तारी में कोई प्रगति नहीं हुई है। यही वजह है कि परिजन बेटी का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे और न्याय की मांग पर अडिग हैं।
ग्रामीणों का विरोध और माहौल
मनीषा हत्याकांड को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया गया। लोहारू, ढिगावा, बहल और चरखीदादरी जैसे कस्बों में बाजार बंद रहे। वहीं, कई गांवों में कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता को श्रद्धांजलि दी गई और न्याय की मांग उठाई गई।
दिग्विजय चौटाला का बयान
यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। जेजेपी के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने सरकार और सीएम नायब सैनी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनीषा हत्याकांड और गुरुग्राम में कलाकार एल्विस यादव के घर पर हुई फायरिंग जैसी घटनाएं दर्शाती हैं कि हरियाणा में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। चौटाला ने सीएम सैनी को कमजोर मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि हरियाणा के हालात अब चेतावनी की तरह हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को देवीलाल, बंसीलाल, ओपी चौटाला और भजनलाल जैसे कुशल प्रशासकों से सीख लेनी चाहिए।