सुबह बदला माहौल
सोमवार देर रात प्रशासन और परिवार के बीच हुई बैठक में यह बात सामने आई थी कि परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गया है। लेकिन मंगलवार सुबह ही हालात अचानक बदल गए। मनीषा के पिता और दादा का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि प्रशासन ने उन पर दबाव बनाकर सहमति ली थी। इस बयान ने पूरे घटनाक्रम को फिर से उलझा दिया और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार रोक दिया।
महापंचायत बुलाने का फैसला
पिता और दादा के इस बयान के बाद मामला और गरम हो गया। चरखी दादरी की सर्वजातीय सर्वखाप ने तत्काल महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया। फौगाट खाप के प्रधान ने इस दौरान कहा कि मनीषा की मौत किसी आत्महत्या का मामला नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और सरकार इस प्रकरण को आत्महत्या बताकर दबाने की कोशिश कर रहे हैं।
11 सदस्यीय कमेटी का गठन
फौगाट खाप और अन्य पदाधिकारियों की बैठक में कड़ा निर्णय लिया गया कि इस मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जो मनीषा के पैतृक गांव जाकर स्थिति का जायजा लेगी और ग्रामीणों से संवाद करेगी। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वास्तविक हत्यारों को सजा नहीं मिलती, तब तक मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। वहीं, खाप पंचायतों ने ऐलान किया है कि वे मनीषा के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।