Inkhabar Haryana, Manoharlal Khattar Visit Jungle Safari Park in Gurugram: गुरुग्राम और नूंह जिलों के अरावली पर्वतीय क्षेत्र में प्रस्तावित दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी परियोजना को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव तथा हरियाणा सरकार में केबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह ने परियोजना स्थल का दौरा किया और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली।
दो वर्षों से जारी है योजना निर्माण का कार्य
जंगल सफारी परियोजना पर बीते दो वर्षों से लगातार मंथन और योजना निर्माण का कार्य जारी है। वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अरावली की पहाड़ियों में लगभग 10,000 एकड़ भूमि पर विश्व की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की घोषणा की थी। इस घोषणा के बाद से ही राज्य और केंद्र सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग इस परियोजना की व्यवहारिकता और पर्यावरणीय प्रभावों का गहराई से अध्ययन कर रहे हैं।
पहले चरण में विकसित होगी 2,500 एकड़ भूमि पर जंगल सफारी
हालांकि शुरू में 10,000 एकड़ क्षेत्रफल में जंगल सफारी बनाने की योजना थी, लेकिन वन विभाग ने अब इसे घटाकर पहले चरण में लगभग 2,500 से 3,000 एकड़ में सफारी को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। यह निर्णय परियोजना के चरणबद्ध विकास, भूमि की उपलब्धता और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के पूर्ण होने पर न केवल हरियाणा बल्कि पूरे भारत के पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह जंगल सफारी दुनिया की सबसे बड़ी बताई जा रही है, जो न केवल जैव विविधता को बढ़ावा देगी, बल्कि हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी प्रदान करेगी।
परियोजना को विश्व स्तरीय बनाना चाहते- मनोहरलाल
निरीक्षण के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हम इस परियोजना को विश्व स्तरीय बनाना चाहते हैं। अरावली की प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता को संरक्षित करते हुए हम एक ऐसा इको-टूरिज्म मॉडल विकसित करेंगे, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बने। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी परियोजना को पर्यावरण संतुलन के अनुकूल बताया और कहा कि इसे बनाते समय इकोलॉजिकल सेंसिटिव ज़ोन का विशेष ध्यान रखा जाएगा।