




इस कार्यक्रम में विशेष रूप से कक्षा तीसरी से पांचवीं के छात्रों के अभिभावकों को आमंत्रित किया गया है। शिक्षकों द्वारा इन कक्षाओं के छात्रों की पढ़ाई, उनकी समस्याओं और संभावनाओं पर अभिभावकों के साथ विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह प्रयास इस आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास और उनके सीखने की प्रक्रिया को सरल व प्रभावी बनाने के लिए किया जा रहा है।
इस पीटीएम के दौरान छात्रों को शीतकालीन अवकाश के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया गृहकार्य सौंपा जाएगा। यह गृहकार्य न केवल अकादमिक दृष्टि से उपयोगी होगा, बल्कि बच्चों को सीखने के प्रति रुचि विकसित करने में भी मदद करेगा। इस बार के गृहकार्य में रटने की बजाय लर्निंग पर जोर दिया गया है, ताकि छात्र व्यावहारिक और अनुभवात्मक तरीके से सीख सकें।
इस बार का गृहकार्य छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें ऐसा कोई कार्य नहीं दिया गया है जिसमें अतिरिक्त पैसे खर्च हों। बल्कि, दादी-नानी, माता-पिता और घर के अन्य बड़ों के साथ मिलकर पूरा करने वाले कार्यों को प्राथमिकता दी गई है।




