Inkhabar Haryana, MGNREGA workers protest in Tohana: हरियाणा के टोहाना में सोमवार को मनरेगा मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम का ज्ञापन एसडीएम टोहाना को सौंपा। मजदूरों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई, तो 17 अगस्त को नरवाना में होने वाली सीएम की रैली में काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
क्या हैं प्रदर्शन की वजह?
मनरेगा मजदूरों के प्रधान सतबीर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, शमशान भूमि, स्कूल, खेल के मैदान, पंचायत घरों, खेतों के कच्चे-पक्के रास्तों, नहरी खाल, गांव की फिरनी, सरकारी अस्पताल, कॉलेज, चौपाल, ग्राम सचिवालय, नहरी विभाग और अन्य सरकारी एवं पंचायत भूमि पर जंगल की सफाई का कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है। यह काम पहले मनरेगा योजना के तहत किया जाता था, लेकिन अब बंद होने से मजदूरों का रोजगार प्रभावित हो रहा है।
रोजगार और सुरक्षा पर असर
मजदूरों ने कहा कि सरकार ने मनरेगा के तहत 100 दिन काम की गारंटी दी थी, लेकिन काम बंद होने से गरीब परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा, जंगल और घास-फूस साफ न होने से सांप, नेवला और अन्य जहरीले जानवरों का खतरा बढ़ गया है, जिससे ग्रामीण और स्कूलों के बच्चे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
प्रधान सतबीर ने कहा कि बाहरी पक्की सड़कों के दोनों ओर बढ़ी हुई घास और झाड़ियां सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर रही हैं, जिससे वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है। कई बार जहरीले जानवरों के काटने से जान भी चली जाती है।
सरकार से अपेक्षाएं
मजदूरों का कहना है कि मनरेगा उनके लिए जीवन-रेखा है, क्योंकि इसी से उन्हें रोजगार और परिवार का भरण-पोषण करने का साधन मिलता है। उन्होंने मांग की कि बंद पड़े कार्य तुरंत शुरू किए जाएं और मजदूरों को 100 दिन काम की गारंटी पूरी तरह से दी जाए, ताकि न केवल रोजगार बहाल हो, बल्कि गांव की सफाई और सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके। प्रदर्शन के अंत में मजदूरों ने दोहराया कि अगर 17 अगस्त तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे नरवाना में सीएम की रैली में काले झंडे दिखाकर अपना विरोध जाहिर करेंगे। उनके अनुसार, यह कदम मजबूरी में उठाया जाएगा, ताकि सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान दे।