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Mid day meal menu in Haryana: हरियाणा के बच्चों के लिए खुशखबरी, मिड-डे मील में अब रोज़ मिलेगा स्वाद और पोषण से भरा आहार, जानें क्या हैं मेन्यू में इस बार खास

BY: • LAST UPDATED : July 25, 2025
Inkhabar Haryana, Mid day meal menu in Haryana: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के बच्चों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्यभर के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सप्ताह में छह दिन 200 मिलीलीटर स्किम्ड फ्लेवर्ड दूध दिया जाएगा। पहले यह सुविधा केवल सप्ताह में तीन दिन तक ही सीमित थी। इसके साथ-साथ छात्रों को प्रोटीन से भरपूर अन्य पोषक आहार भी नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे राज्य में स्कूली पोषण व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत हुआ निर्णय

यह निर्णय प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम-पोषण) योजना के तहत लिया गया है, जो पूर्व में मध्याह्न भोजन योजना के नाम से जानी जाती थी। इस योजना की राज्य स्तरीय संचालन-सह-निगरानी समिति (SLSMC) की बैठक मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित की गई। इसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कुल 665.65 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दी गई। इस राशि से योजना के विभिन्न पहलुओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।

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15 लाख से अधिक बच्चों को मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत प्रदेशभर में लगभग 15 लाख से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा। इसमें 80,862 छात्र बाल वाटिकाओं में, 8,28,533 छात्र प्राथमिक विद्यालयों में और 6,38,714 छात्र उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शामिल हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को जमीनी स्तर पर ठीक ढंग से लागू किया जाए ताकि सभी पात्र बच्चों को समय पर पोषणयुक्त भोजन प्राप्त हो सके।

नई व्यवस्था में मिलेगें ये चीजें

नई पोषण व्यवस्था के अनुसार अब सप्ताह में 6 दिन, हर बच्चे को 200 मिलीलीटर स्किम्ड फ्लेवर्ड दूध दिया जाएगा। सप्ताह में एक दिन, बच्चों को पिन्नी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे उन्हें अतिरिक्त ऊर्जा और पोषक तत्व मिल सकें। सप्ताह में दो दिन, बाल वाटिका से लेकर कक्षा आठवीं तक के छात्रों को प्रोटीन युक्त मिल्क बार दिए जाएंगे, जिससे उनके शारीरिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

रसोई उद्यानों से ताज़ी हरी सब्ज़ियाँ भी होंगी शामिल

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) के सुझाव पर राज्य के 10,080 स्कूलों में रसोई उद्यान (Kitchen Gardens) विकसित किए गए हैं। इनमें मेथी, पालक, सरसों जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों की खेती शुरू की गई है। इन सब्जियों को स्कूल भोजन में शामिल कर बच्चों को आयरन और फाइबर युक्त आहार उपलब्ध कराया जाएगा।

पायलट जिले व वैश्विक साझेदारी

स्कूल शिक्षा विभाग के एसीएस विनीत गर्ग ने जानकारी दी कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (World Food Programme) के साथ हाल ही में एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत चार जिलों – मेवात, पानीपत, सोनीपत और पलवल (केवल हथीन खंड) में विशेष पोषण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वहीं, भिवानी और मेवात में पहले से ही हर सप्ताह पिन्नी का वितरण पूरक पोषण के रूप में किया जा रहा है।