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Mobile Addiction: अब मोबाइल एडिक्शन से बचाएंगे नशामुक्ति केंद्र, हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने उठाया बड़ा कदम

BY: • LAST UPDATED : December 24, 2024
Inkhabar Haryana, Mobile Addiction: आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन बच्चों के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन गए हैं। हालांकि, लगातार मोबाइल का उपयोग बच्चों में गंभीर मानसिक और शारीरिक समस्याओं को जन्म दे रहा है। विशेष रूप से कोरोना महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों को मोबाइल और टैबलेट की आदत लगा दी। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है।

मोबाइल लत के इलाज के लिए नशामुक्ति केंद्रों का विस्तार

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने निर्णय लिया है कि अब प्रदेश के सभी नशामुक्ति केंद्रों में मोबाइल की लत से पीड़ित बच्चों का भी इलाज किया जाएगा। इसके लिए राज्यभर के जिला अस्पतालों में चल रहे नशामुक्ति केंद्रों में विशेष वार्ड बनाए जाएंगे। इन वार्डों में बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य जांच, काउंसलिंग और उपचार का प्रबंध किया जाएगा।

कोरोना महामारी के बाद बढ़ी समस्या

हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य निदेशक डॉ. ब्रह्मजीत संधू के अनुसार, कोरोना काल के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई ने बच्चों को मोबाइल की आदत डलवा दी। महामारी खत्म होने के बाद भी बच्चे इस आदत से उबर नहीं पाए हैं। मोबाइल की लत ने बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को बाधित किया है, जिससे माता-पिता और शिक्षकों के लिए यह एक गंभीर चुनौती बन गई है।

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विशेष विशेषज्ञों और काउंसलरों की टीम

हरियाणा सरकार ने इन बच्चों के इलाज के लिए मनोरोग विशेषज्ञों और काउंसलरों की टीम तैयार करने का निर्णय लिया है। इन विशेषज्ञों का कार्य बच्चों की आदतों को समझकर उन्हें मोबाइल की लत से दूर करना होगा। इसके अलावा, किशोर स्वास्थ्य केंद्रों को ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनकी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देने की जिम्मेदारी दी गई है।

परिवार और समाज की भूमिका

स्वास्थ्य विभाग का यह कदम सराहनीय है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस समस्या का स्थायी समाधान परिवार और समाज की भूमिका के बिना संभव नहीं है। बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के लिए परिवार के सदस्यों को उनके साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने और उन्हें रचनात्मक गतिविधियों में व्यस्त रखने की जरूरत है।