Inkhabar Haryana, National Health Mission Team inspection in Narwana hospital: जनस्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) की उच्चस्तरीय टीम ने वीरवार को नरवाना के सामान्य अस्पताल का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का नेतृत्व नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के निदेशक धीरेंद्र यादव ने किया, जिनका स्पष्ट उद्देश्य अस्पतालों में केवल कमियां तलाशना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर व्याप्त चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान ढूंढना था।
क्या था निरीक्षण का उद्देश्य?
निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए निदेशक धीरेंद्र यादव ने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी संस्था को कठघरे में खड़ा करना नहीं है, बल्कि उन कमियों को चिन्हित कर उनके समाधान पर काम करना है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं। जब हम किसी अस्पताल का दौरा करते हैं, तो यह मूल्यांकन करते हैं कि किन स्तरों पर सुधार की आवश्यकता है और उसमें हमारी क्या भूमिका हो सकती है।
टीम ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, स्टाफ की तैनाती, उपकरणों की स्थिति, साफ-सफाई, दवा आपूर्ति और मरीजों को दी जा रही सेवाओं का बारीकी से जायजा लिया। बातचीत के दौरान कई बिंदुओं पर कर्मचारियों से सीधे संवाद कर वर्तमान स्थिति की जानकारी जुटाई गई।
दो दिन से जिलेभर में चल रहा है निरीक्षण
धीरेंद्र यादव ने जानकारी दी कि बीते दो दिनों से जिला जींद के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है और यह प्रक्रिया आगामी दो दिनों तक भी जारी रहेगी। निरीक्षण के बाद सभी बिंदुओं पर आधारित एक विस्तृत प्रेजेंटेशन तैयार किया जाएगा, जिसे उच्च स्तर पर साझा कर सेवा सुधार की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
नई भर्तियां और नियुक्तियों की प्रक्रिया
निदेशक ने बताया कि हाल ही में जिले में एनएचएम के तहत चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती की गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिली है। इसके अलावा शेष 58 रिक्त पदों की नियुक्ति सूची भी अंतिम चरण में है और जल्द ही इन पर नियुक्तियां कर दी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि केवल जींद ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नियुक्तियों और संसाधनों के विस्तार की योजनाएं बनाई जा रही हैं।
धीरेंद्र यादव ने अंत में दो टूक कहा कि हम सिर्फ गुणवत्ता की जांच के लिए नहीं आए हैं, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी आए हैं कि स्वास्थ्य सेवाएं आमजन तक सुलभ, भरोसेमंद और समयबद्ध रूप से पहुंचें। इसके लिए नीतिगत और संरचनात्मक दोनों स्तरों पर सुधार लाना हमारी प्राथमिकता है।