Inkhabar Haryana, Nuh News: हरियाणा के नूंह जिले के औथा गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब साइबर ठगी और एटीएम काटने जैसे गंभीर मामलों में वांछित आरोपी मुस्तकीम को पकड़ने के लिए तेलंगाना और पिनगवां पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार को छापा मारा। रेड के दौरान मुस्तकीम मौके से भागने में कामयाब हो गया, जबकि पुलिस के इस एक्शन के बाद गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
सुबह 11 बजे हुई कार्रवाई
सोमवार सुबह करीब 11:00 बजे तेलंगाना पुलिस की एक टीम पिनगवां पुलिस के सहयोग से औथा गांव पहुंची। उनके साथ छह गाड़ियों का काफिला था। रेड का उद्देश्य था कि मुस्तकीम पुत्र मूसा को गिरफ्तार करना, जिस पर तेलंगाना, पुणे, महाराष्ट्र और असम समेत विभिन्न राज्यों में एटीएम काटने और ओएलएक्स जैसे प्लेटफॉर्म पर ठगी के 17 से अधिक केस दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक जैसे ही मुस्तकीम को छापेमारी की भनक लगी, वह गांव की गलियों का फायदा उठाते हुए किसी बाइक पर बैठकर भाग निकला। पुलिस ने पीछा भी किया लेकिन वह चकमा देकर फरार हो गया।
मुस्तकीम पर दर्ज हैं गंभीर साइबर अपराध
मुस्तकीम के खिलाफ दर्ज मामलों में एटीएम काटने, सोशल मीडिया पर सस्ती गाड़ी बेचने का झांसा देकर ठगी, OLX फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और ब्लैकमेलिंग जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी और यह रेड उसी तलाश का हिस्सा थी। पिनगवां थाना प्रभारी सुभाष चंद ने स्पष्ट किया कि मुस्तकीम को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
परिवार का आरोप
रेड के बाद मामला तब और गरमा गया जब मुस्तकीम के परिवार वालों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। मुस्तकीम की मां और भाई ने कहा कि उनका मुस्तकीम से कोई संपर्क नहीं है और वह घर से अलग रहता है। इसके बावजूद, पुलिस ने उनके घर का सारा सामान तोड़ दिया और महिलाओं के साथ बदसलूकी की।
परिवार का दावा है कि पुलिस ने तलाशी के दौरान फ्रिज, एलईडी, वॉशिंग मशीन सहित घर का कीमती सामान क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को स्पष्ट बताया था कि घर में कोई पुरुष मौजूद नहीं है, बावजूद इसके पुलिस ने कोई मानवीय व्यवहार नहीं दिखाया।
पुलिस का पक्ष
पिनगवां थाना प्रभारी सुभाष चंद ने परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि रेड पूरी तरह से कानूनी और संयमित ढंग से की गई थी। उनका कहना था कि पुलिस का उद्देश्य केवल आरोपी की गिरफ्तारी था, न कि घर में कोई नुकसान पहुंचाना। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी बेहद शातिर है और लंबे समय से पुलिस को चकमा देता आ रहा है।