




ओम प्रकाश चौटाला ने जेल से ही 10वीं की परीक्षा भी दी थी और बाहर आकर अंग्रेजी का सप्लीमेंट्री पेपर दिया, उन्होंने 87 साल की उम्र में फर्स्ट डिवीजन से परीक्षा पास की थी। 2019 में 10वीं की परीक्षा दी थी, लेकिन अंग्रेजी का पेपर देने में असमर्थ रहे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 2021 में उन्होंने दुबारा अंग्रेजी की परीक्षा दी और इसमें 88% अंक हासिल किए। यही नहीं, उन्होंने हरियाणा बोर्ड से 12वीं की परीक्षा भी प्रथम श्रेणी में पास की। यह उपलब्धि उनके असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प को दर्शाती है।
ओम प्रकाश चौटाला की इस कहानी से प्रेरित होकर एक फिल्म भी बनाई गई, जिसका नाम था ‘दसवीं’। अभिषेक बच्चन ने इस फिल्म में एक नेता की भूमिका निभाई, जो जेल में रहते हुए 10वीं की परीक्षा देता है। फिल्म में निमरत कौर ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह फिल्म शिक्षा की ताकत और जीवन में नई शुरुआत करने की प्रेरणा को खूबसूरती से प्रस्तुत करती है।
ओम प्रकाश चौटाला का 2024 में निधन हो गया, और उनके निधन से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी राजनीतिक उपलब्धियां अपने आप में उल्लेखनीय हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में उनकी लगन और उपलब्धि उन्हें एक अलग स्थान प्रदान करती है। उनकी कहानी हमेशा याद दिलाएगी कि सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती।




