




Paddy Production: हरियाणा के अंबाला जिले में इस साल धान की पैदावार काफी अधिक हो रही है, जिसके चलते मंडियों में धान का भंडारण एक बड़ी समस्या बन गई है। अब तक मंडियों में 22 लाख क्विंटल से अधिक धान पहुंच चुका है, और अगले कुछ दिनों में 8 से 10 लाख क्विंटल धान और आने की उम्मीद है। चावल भंडारण की जगह न होने के कारण राज्य में बड़ी चुनौती उत्पन्न हो गई है।
दूसरे राज्यों में भी धान की अधिक पैदावार होने के कारण हरियाणा के चावल की खपत कम हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए विशेष चावल ट्रेनों के माध्यम से चावल को दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त भंडारण स्थान की कमी बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने जिले की मंडियों का दौरा किया और उठान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सबसे पहले सिटी नई अनाज मंडी का उपायुक्त ने दौरा किया, जहां किसानों, राइस मिलर्स और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अंबाला छावनी में चावल उठान में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही साहा अनाज मंडी में पानी निकासी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान संजीव गर्ग ने उपायुक्त से सरकार के एफसीआई गोदामों में चावल रखने की जगह बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सरकार एक क्विंटल धान पर 67 किलो चावल ले रही है, जिसे कम कर 62 किलो किया जाए, ताकि राइस मिलर्स को राहत मिल सके। भंडारण की इस चुनौती का समाधान जल्दी निकालने की आवश्यकता है ताकि इस साल की धान की फसल का सही तरीके से प्रबंधन हो सके।
Panipat News: एक को बचाने में दोनों की गई जान, यमुना नदी में स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा




