




यह मामला तब उजागर हुआ जब एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने इस घोटाले में शामिल 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया और अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया। आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। विशेष रूप से, ट्रेजरी ऑफिस के कर्मचारी सतपाल से पैसों की वसूली के लिए ACB टीम ने उसके घर की पूरी तलाशी ली। घर के बेडरूम से लेकर शौचालय तक जांच की गई, जिसमें स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही।
पूछताछ के दौरान सतपाल ने कबूल किया कि उसने घोटाले के पैसों से वृंदावन के पास जमीन खरीदी है। इस मामले में अब तक करीब 100 करोड़ रुपये के गबन की बात सामने आ चुकी है। जांच में शामिल एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने इस घोटाले में पंचकूला से रिटायर्ड अधिकारी शमशेर सिंह को भी गिरफ्तार किया, जिसके घर से करीब साढ़े 3 करोड़ रुपये नकद और लाखों रुपये के सोने के आभूषण बरामद किए गए।
इस घोटाले में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए वृंदावन स्थित राजस्व अधिकारियों से संपर्क किया गया है। साथ ही, एक निजी मैनपावर फर्म के मालिक की भूमिका की जांच की जा रही है, जिसके लिए ACB लगातार दबिश दे रही है।
इसके अलावा, इस घोटाले में हसनपुर के बीडीपीओ प्रवीण कुमार से भी पूछताछ की जा रही है। टीम अन्य सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता के सबूत जुटाने में लगी हुई है।
पलवल के जिला खजाना अधिकारी संजय सिंह ने होडल लघु सचिवालय स्थित खजाना कार्यालय का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि घोटाले में शामिल सरकारी कर्मचारियों की पहचान कर उचित विभागीय कार्रवाई की जाएगी और उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।




