




राजेश का कहना है कि उसकी शादी 2022 में झज्जर जिले में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद, हनीमून पर जाने की बात पर राजेश ने आर्थिक स्थिति का हवाला देकर कुछ समय बाद जाने का वादा किया। इस बात से नाराज होकर उसकी पत्नी अपने मायके चली गई। हालांकि, दोनों परिवारों के बीच पंचायत के बाद राजेश की पत्नी दोबारा उसके घर लौट आई।
बता दें कि, राजेश का आरोप है कि वापस आने के बाद उसकी पत्नी ने ससुराल वालों को परेशान करना शुरू कर दिया। उसने अपने मायके के लोगों और जीजा को बुलाकर राजेश के माता-पिता के साथ मारपीट की। इस घटना की शिकायत राजेश के परिजनों ने पानीपत पुलिस को दी, जिस पर मुकदमा दर्ज है। लेकिन बाद में उसकी पत्नी ने बहादुरगढ़ थाने में राजेश के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
राजेश का कहना है कि उसने झज्जर एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की, जिस पर जांच का जिम्मा डीएसपी को सौंपा गया। लेकिन इसके बाद थाने में पुलिसकर्मियों ने झूठे केस को खत्म करने के लिए 2 लाख रुपये की मांग की। जब राजेश ने रिश्वत देने से इनकार किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। इस दौरान राजेश घायल हो गया, जिसका मेडिकल भी कराया गया, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
राजेश ने इस मामले में एसपी, मंत्री और मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण वह मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है। अपनी व्यथा सुनाने और न्याय की मांग के लिए वह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के बाहर पहुंचा, ताकि अपनी बात सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचा सके।




