




गुमशुदा बच्ची नेहा वर्तमान में BA सेकंड ईयर की छात्रा है और सोनीपत के राई स्थित सरकारी आश्रम में रहती थी, ने ASI राजेश कुमार से भावुक अपील की थी। उसने कहा कि सर, मुझे नहीं पता कि मेरे माता-पिता कहां हैं। मैं पिछले 15 वर्षों से इस आश्रम में रह रही हूं। क्या आप मेरे माता-पिता को ढूंढ सकते हैं?” इस निवेदन ने ASI राजेश को प्रेरित किया और उन्होंने आश्वासन दिया कि वे हर संभव प्रयास करेंगे।
AHTU की पंचकूला टीम ने नेहा की काउंसलिंग के दौरान उससे उसके परिवार और घर से जुड़े कुछ सुराग जुटाए। उसने बताया कि उसके घर में दो गलियां थीं और स्थानीय लोग विशेष तरह की टोपी पहनते थे। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने नेहा के अतीत को खंगालना शुरू किया।
हरियाणा पुलिस ने नेहा के भाई अनिकेत से संपर्क किया और वीडियो कॉल के जरिए पहचान सुनिश्चित की। परिवारजनों ने अपनी बेटी को पहचानने के बाद तुरंत सोनीपत पहुंचकर नेहा से मिलने की इच्छा जताई। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की देखरेख में नेहा को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
नेहा के परिवार ने हरियाणा पुलिस और एएचटीयू टीम का आभार व्यक्त किया। इस भावुक पुनर्मिलन के दौरान नेहा और उसके परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।
एडीजीपी ममता सिंह ने इस अवसर पर संदेश दिया कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का आधार कार्ड अवश्य बनवाएं और उसे नियमित रूप से अपडेट करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा लापता होता है या किसी संदिग्ध दस्तावेज की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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