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Panipat News: हरियाणा पुलिस की शानदार उपल्बिध, 15 साल बाद मिली परिवार से बिछड़ी बेटी, महाराष्ट्र से हुई थी लापता

BY: • LAST UPDATED : January 18, 2025
Inkhabar Haryana, Panipat News: हरियाणा पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने एक बार फिर अपनी प्रभावशाली कार्यप्रणाली से एक परिवार को फिर से मिलाने का अनुकरणीय कार्य किया है। 15 वर्षों से महाराष्ट्र से लापता 22 वर्षीय नेहा को उसके परिवार से मिलवाने में पुलिस ने सफलता प्राप्त की। इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि हरियाणा पुलिस न केवल प्रदेश में बल्कि अन्य राज्यों में भी गुमशुदा बच्चों को उनके परिजनों से मिलवाने के प्रयास में सतत प्रयासरत है।

क्या है पूरा मामला?

गुमशुदा बच्ची नेहा  वर्तमान में BA सेकंड ईयर की छात्रा है और सोनीपत के राई स्थित सरकारी आश्रम में रहती थी, ने ASI राजेश कुमार से भावुक अपील की थी। उसने कहा कि सर, मुझे नहीं पता कि मेरे माता-पिता कहां हैं। मैं पिछले 15 वर्षों से इस आश्रम में रह रही हूं। क्या आप मेरे माता-पिता को ढूंढ सकते हैं?” इस निवेदन ने ASI राजेश को प्रेरित किया और उन्होंने आश्वासन दिया कि वे हर संभव प्रयास करेंगे।

जांच और प्रयास

AHTU की पंचकूला टीम ने नेहा की काउंसलिंग के दौरान उससे उसके परिवार और घर से जुड़े कुछ सुराग जुटाए। उसने बताया कि उसके घर में दो गलियां थीं और स्थानीय लोग विशेष तरह की टोपी पहनते थे। इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने नेहा के अतीत को खंगालना शुरू किया।

नेहा 2012 में पानीपत से इस आश्रम में लाई गई थी, जब उसकी उम्र लगभग 9 वर्ष थी। जांच के दौरान पता चला कि 2010 में महाराष्ट्र के वर्धा जिले में नेहा के गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज की गई थी।

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परिवार से संपर्क

हरियाणा पुलिस ने नेहा के भाई अनिकेत से संपर्क किया और वीडियो कॉल के जरिए पहचान सुनिश्चित की। परिवारजनों ने अपनी बेटी को पहचानने के बाद तुरंत सोनीपत पहुंचकर नेहा से मिलने की इच्छा जताई। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की देखरेख में नेहा को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

नेहा के परिवार ने हरियाणा पुलिस और एएचटीयू टीम का आभार व्यक्त किया। इस भावुक पुनर्मिलन के दौरान नेहा और उसके परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक उठे।

पुलिस की अपील और संदेश

एडीजीपी ममता सिंह ने इस अवसर पर संदेश दिया कि सभी अभिभावक अपने बच्चों का आधार कार्ड अवश्य बनवाएं और उसे नियमित रूप से अपडेट करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा लापता होता है या किसी संदिग्ध दस्तावेज की जानकारी मिलती है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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