Advertisement
Advertisement
होम / Patwari Corruption: हरियाणा में 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची वायरल, कैथल में 46 के नाम शामिल

Patwari Corruption: हरियाणा में 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची वायरल, कैथल में 46 के नाम शामिल

BY: • LAST UPDATED : January 17, 2025
Inkhabar Haryana, Patwari Corruption: हरियाणा सरकार ने राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में फैले भ्रष्टाचार को गंभीरता से लेते हुए कठोर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। विभाग में व्याप्त अनियमितताओं और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए राज्य सरकार ने जिला उपायुक्तों को सख्त निर्देश दिए हैं। हाल ही में जारी एक गोपनीय और अति-तत्काल पत्र में उपायुक्तों से कहा गया है कि वे भ्रष्टाचार में लिप्त पटवारियों और उनके द्वारा रखे गए प्राइवेट सहायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

पटवारी जांच के घेरे में

जानकारी के मुताबिक, राज्य में तैनात 370 पटवारियों में से 170 पटवारी निजी व्यक्तियों को अपने सहायक के रूप में नियुक्त कर चुके हैं। इन प्राइवेट सहायकों का उपयोग मुख्य रूप से भ्रष्टाचार में सहायता के लिए किया जा रहा है। ये सहायक पटवारियों के साथ मिलकर भूमि रिकॉर्ड, पैमाइश, इंतकाल, और अन्य प्रशासनिक कार्यों में जानबूझकर अड़चनें पैदा करते हैं। इसके परिणामस्वरूप आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पर मजबूर होना पड़ता है और अंततः रिश्वत देने के लिए बाध्य किया जाता है।

प्राइवेट व्यक्तियों की भूमिका

यह चौंकाने वाली बात है कि कई पटवारियों ने अपने कार्यक्षेत्र में “एजेंट” के रूप में काम करने वाले प्राइवेट व्यक्तियों को शामिल किया है। ये व्यक्ति सरकारी प्रक्रिया को और जटिल बनाकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। जमीन के खातों की तकसीम, पैमाइश, रिकॉर्ड दुरुस्त करने और नक्शे बनवाने जैसे कार्यों में जानबूझकर देरी की जाती है, ताकि लोग मजबूर होकर “अनौपचारिक शुल्क” अदा करें।

Advertisement

सरकार का सख्त रुख

हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए सभी जिला उपायुक्तों को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। उपायुक्तों से अपेक्षा की गई है कि वे भ्रष्ट पटवारियों की पहचान करें और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश करें। इसके साथ ही, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्राइवेट व्यक्तियों की नियुक्ति पूरी तरह से अवैध है और उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

CM का जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

CM नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया है कि हरियाणा में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने पहले भी विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उद्देश्य न केवल भ्रष्टाचार को खत्म करना है, बल्कि राज्य प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी है।