Inkhabar Haryana, PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, 9 दिसंबर, राजस्थान और हरियाणा का दौरा करेंगे। वे जयपुर जाएंगे और सुबह करीब 10:30 बजे जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केन्द्र (जेईसीसी) में राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश शिखर सम्मेलन 2024 का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री पानीपत जाएंगे और दोपहर करीब 2 बजे एलआईसी की बीमा सखी योजना का शुभारंभ करेंगे तथा महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर का शिलान्यास करेंगे।
12 क्षेत्रीय विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे
प्रधानमंत्री अपने दौरे की शुरुआत राजस्थान के जयपुर से करेंगे। सुबह करीब 10:30 बजे, वे जयपुर प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र (JECC) में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 का उद्घाटन करेंगे। तीन दिवसीय इस सम्मेलन का विषय है ‘पूर्ण, जिम्मेदार, तैयार’। इसका उद्देश्य सतत विकास और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन के दौरान 12 क्षेत्रीय विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें जल सुरक्षा, सतत खनन, महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप, कृषि-व्यवसाय नवाचार, समावेशी पर्यटन और सतत वित्त जैसे विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही, आठ अंतरराष्ट्रीय देश सत्रों का आयोजन भी होगा, जिनमें जल प्रबंधन, बहुमुखी विनिर्माण, व्यापार और पर्यटन जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा।
राजस्थान ग्लोबल बिजनेस एक्सपो के अंतर्गत राजस्थान पवेलियन, कंट्री पवेलियन और स्टार्टअप पवेलियन जैसे थीम आधारित मंडपों का प्रदर्शन होगा। सम्मेलन में 32 से अधिक देश, 16 भागीदार देश, और 20 अंतरराष्ट्रीय संगठन भाग लेंगे।
हरियाणा में महिला सशक्तिकरण
बता दें कि, दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री हरियाणा के पानीपत पहुंचेंगे, जहां वे एलआईसी की ‘बीमा सखी योजना’ का शुभारंभ करेंगे। यह योजना महिलाओं को वित्तीय साक्षरता और बीमा क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।
इस योजना के तहत, 18-70 वर्ष की दसवीं पास महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण और वजीफा दिया जाएगा, ताकि वे एलआईसी एजेंट के रूप में कार्य कर सकें। इसके साथ ही, स्नातक बीमा सखियों को विकास अधिकारी बनने का अवसर भी मिलेगा। प्रधानमंत्री इस अवसर पर कई भावी बीमा सखियों को नियुक्ति प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।
करनाल के मुख्य परिसर का शिलान्यास करेंगे
इसके बाद प्रधानमंत्री महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के मुख्य परिसर का शिलान्यास करेंगे। 495 एकड़ में फैले इस विश्वविद्यालय की लागत 700 करोड़ रुपये से अधिक है। यह संस्थान फसल विविधीकरण, बागवानी प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करेगा। इसमें एक बागवानी महाविद्यालय और 10 विषयों पर आधारित पांच स्कूल भी होंगे।