




Poisonous Fumes: हरियाणा के नूंह जिले में प्रदूषण कम करने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। इस योजना का उद्देश्य वायु गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे हवा में प्रदूषण की मात्रा न बढ़े। नूंह सहित 14 शहरों में इस योजना को लागू किया गया है। लेकिन वहा कूड़ा डालने की कोई व्यवस्ता नहीं है जिस के कारण कूड़ा फैला पड़ा है। इस से राहत के लिए कूड़े में आग लगा दी जाती है पर इसे जो धुआँ होता है उस से लोगो का जीवन बेहाल हो गया है।
नूंह में डंपिंग स्टेशन न होने के कारण पुराने नल्हड़ रोड पर बड़े पैमाने पर कूड़ा फेंका जा रहा है। यह कूड़ा जलने के कारण चारों ओर धुआं फैल रहा है, जिससे हवा जहरीली हो रही है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। वहां से निकलने वाले धुएं से लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हो रही है। साथ ही, नजदीक स्थित शहीद राजा हसन खान मेवाती मेडिकल कॉलेज के मरीज भी इस धुएं से प्रभावित हो रहे हैं।
जिला प्रशासन ने पटाखे और फसल अवशेष जलाने पर ध्यान दिया है, लेकिन पुराने नल्हड़ रोड पर जल रहे कूड़े की समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार कूड़े की समस्या को लेकर शिकायत की गई है, लेकिन इसे हटाने की दिशा में अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
जलते कूड़े से उठने वाले जहरीले धुएं से आसपास का वातावरण प्रदूषित हो रहा है। धुएं की गंध और जलन से लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है, और सांस की बीमारी का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को पटाखों और पराली की तरह ही शहर के कूड़े पर भी ध्यान देना चाहिए। जिला प्रशासन इस ओर ध्यान देकर ठोस कदम उठाए ताकि नूंह की हवा में प्रदूषण कम हो और लोग साफ-सुथरी हवा में सांस ले सकें।
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